Himansh Kohli Supports Sonam Wangchuk On Education & Paper Leak Issue
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Himansh Kohli Supports Sonam Wangchuk On Education & Paper Leak Issue

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36 मिनट पहलेलेखक: आशीष तिवारी

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फिल्म ‘आर्यभट्ट का जीरो’ के प्रमोशन के दौरान अभिनेता हिमांश कोहली, अभिनेत्री सोनाली सहगल और निर्देशक कमल चंद्रा ने सोनम वांगचुक के समर्थन, NEET-UG समेत विभिन्न परीक्षाओं में पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था पर अपनी राय रखी। हिमांश ने कहा कि देश और आने वाली पीढ़ी के बेहतर भविष्य के लिए आवाज उठाने वालों को सुना जाना चाहिए।

सोनाली ने मुद्दे को राजनीति से ऊपर बताते हुए सकारात्मक नतीजे की उम्मीद जताई। कमल चंद्रा ने कहा कि सिर्फ सरकार को दोष देने से समाधान नहीं निकलेगा, बल्कि सिस्टम की जड़ तक पहुंचना जरूरी है।

हिमांश कोहली ने सोनम वांगचुक के समर्थन, युवाओं की आवाज और शिक्षा व्यवस्था पर अपनी राय रखी।

हिमांश कोहली ने सोनम वांगचुक के समर्थन, युवाओं की आवाज और शिक्षा व्यवस्था पर अपनी राय रखी।

सवाल: आपने सोनम वांगचुक के समर्थन में पोस्ट किया था और उनके स्वास्थ्य के लिए भी प्रार्थना की थी। इसे आप कैसे देखते हैं? युवाओं से आपका यह जुड़ाव कैसा है?

जवाब (हिमांश कोहली): मेरे करियर में युवाओं का हमेशा बड़ा योगदान रहा है। मेरे टीवी शो से लेकर फिल्म ‘आर्यभट्ट का जीरो’ तक, मेरा काम युवाओं को प्रेरित करने की कोशिश करता है। बेहतर शिक्षा और देश के भविष्य के लिए आवाज उठाने वाले युवाओं को सुना जाना चाहिए।

मैं सोनम वांगचुक का बहुत सम्मान करता हूं। उन्होंने देश, खासकर भारतीय सेना और नवाचार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनकी सोच और काम ने मुझे भी प्रेरित किया है। आज की Gen-Z अपनी बात हिम्मत से रखती है। हमारी पीढ़ी में लोग इतनी खुलकर अपनी बात नहीं कह पाते थे।

युवा सिर्फ बहादुर ही नहीं, बल्कि रचनात्मक भी हैं। अगर उनकी मांग देश के बेहतर भविष्य और अच्छी शिक्षा के लिए है तो मैं उनके साथ खड़ा हूं। मेरी कामना है कि सभी पक्ष बातचीत के जरिए समाधान तक पहुंचें।

सवाल: बॉलीवुड के कलाकारों से लोग उम्मीद करते हैं कि वे ऐसे मुद्दों पर खुलकर बोलें। आपने सबसे पहले समर्थन किया था। क्या कहना चाहेंगे?

जवाब (हिमांश कोहली): मुझे याद है कि उस समय शायद सबसे पहले मैंने ही पोस्ट किया था और इसके लिए मुझे ट्रोल भी किया गया। लेकिन अगर बात सच्चाई और आने वाली पीढ़ी के भविष्य की हो, तो चुप नहीं रहना चाहिए। हम सभी चाहते हैं कि बच्चों को अच्छी शिक्षा और बेहतर अवसर मिलें। इसके लिए आवाज उठाना जरूरी है। यह आवाज शांतिपूर्ण होनी चाहिए और सुनी भी जानी चाहिए।

सोनाली सहगल ने कहा कि शिक्षा जैसे मुद्दों को राजनीति से ऊपर रखकर समाधान की दिशा में काम होना चाहिए।

सोनाली सहगल ने कहा कि शिक्षा जैसे मुद्दों को राजनीति से ऊपर रखकर समाधान की दिशा में काम होना चाहिए।

सवाल: आपको लगता है कि यह आवाज सरकार तक पहुंची?

जवाब (हिमांश कोहली): जी, मुझे लगता है कि बात सरकार तक पहुंची है। उम्मीद है कि इससे शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव आएगा और आने वाली पीढ़ी को अपनी पसंद का करियर चुनने के बेहतर अवसर मिलेंगे।

सोनाली सहगल: मुझे भी लगता है कि इस मुद्दे का सकारात्मक परिणाम निकलना चाहिए। इसे राजनीतिक बहस बनाने के बजाय समाधान पर ध्यान देना चाहिए। जब कोई आंदोलन होता है तो उसका सार्थक निष्कर्ष भी निकलना चाहिए। प्रधानमंत्री भी इस मुद्दे पर बोल चुके हैं। हमें उम्मीद है कि आगे बेहतर बदलाव देखने को मिलेगा।

कमल चंद्रा ने कहा कि पेपर लीक के मामलों में सिर्फ आरोप लगाने से नहीं, बल्कि सिस्टम की जड़ तक पहुंचकर सुधार करना जरूरी है।

कमल चंद्रा ने कहा कि पेपर लीक के मामलों में सिर्फ आरोप लगाने से नहीं, बल्कि सिस्टम की जड़ तक पहुंचकर सुधार करना जरूरी है।

सवाल: दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात हो रही है। आप इसे कैसे देखते हैं?

जवाब (हिमांश कोहली): यह अच्छी बात है। हर इंसान की तीन बुनियादी जरूरतें हैं- अच्छी शिक्षा, अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं और भोजन। अच्छी शिक्षा हर व्यक्ति का अधिकार है और इसमें किसी तरह की गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए।

कमल चंद्रा: हर बात को राजनीतिक बनाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। पेपर लीक की जड़ तक पहुंचना होगा। कोई मंत्री खुद पेपर लीक नहीं करता, बीच में कुछ भ्रष्ट लोग होते हैं। असली जरूरत सिस्टम की खामियों को दूर करने की है।

मैंने एक छात्र की कहानी देखी थी जिसने तीन-चार साल तक 16-17 घंटे पढ़ाई की। उसे 550 अंक मिले और वह खुश था कि उसकी मेहनत रंग लाई। लेकिन परीक्षा रद्द होने के बाद वह मानसिक रूप से टूट गया और आखिरकार उसने आत्महत्या कर ली। यह बेहद दुखद है।

ऐसी घटनाएं बताती हैं कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार बेहद जरूरी है। सिर्फ आरोप लगाने से नहीं, बल्कि सिस्टम की कमियों को दूर करने से बदलाव आएगा। सरकार को इस दिशा में सख्त कदम उठाने चाहिए, क्योंकि यह लाखों छात्रों के भविष्य का सवाल है।

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फिल्म फ्लॉप हुई तो रोती हुई घर गईं सोनाली सहगल:हिमांश कोहली ने कहा- ‘यारियां’ के बाद लगा, अब सब खत्म हो गया

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