IND vs ENG: Missed A Triple Century,’ Shubman Gill got emotional after heared Parents Message; Watch Video
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IND vs ENG: Missed A Triple Century,’ Shubman Gill got emotional after heared Parents Message; Watch Video

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शुभमन गिल ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच में शानदारी पारी खेलते हुए डबल सेंचुरी से भी ऊपर का स्कोर बनाया। जब वह अपने तिहरे शतक से 31 रन दूर थे तो जोश टंग ने उन्हें ओली पोप के हाथों कैच करा दिया। शुभमन गिल को तिरहे शतक से चूकने का शायद अफसोस हो, लेकिन दूसरे दिन का खेल खत्म होने के बाद जब उन्हें माता-पिता का संदेश मिला तो वह भावुक हो गए। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने इस संबंध में एक वीडियो भी जारी किया है। वीडियो में देखा सकता है कि स्टेडियम से होटल पहुंचने पर उनका ढोल-ताशे बजाकर स्वागत भी किया गया।

शुभमन गिल ने बीसीसीआई टीवी पर बताया कि उनके पिता ने यह जरूर कहा कि तुम तिहरा शतक बनाने से चूक गए। वीडियो में कोई व्यक्ति गिल को उनके माता-पिता का संदेश सुना रहा है। संदेश में शुभमन गिल के पिता लखविंदर सिंह कह रहे हैं, शुभमन बेटा बहुत अच्छा खेले। आज तेरी बैटिंग देखकर बहुत मजा आया और दिल में बहुत सुकून मिला। जब तू छोटा था। अंडर-16 और अंडर-19 में खेलता था ना बिंदास। उस तरह की बैटिंग लगी और बहुत ही गर्व महसूस हुआ। उनकी मां ने कहा, बहुत अच्छा लगा तेरी बैटिंग देखकर। इस तरह प्रदर्शन करते रहो। ईश्वर का आशीर्वाद हमेशा तुम पर बना रहे।

माता-पिता का संदेश सुनने के बाद शुभमन गिल बहुत खुश हुए। उन्होंने कहा, ‘मेरे लिए यह संदेश बहुत मायने रखता है। मैं अपने पिता के कारण ही क्रिकेट खेलता हूं। जब क्रिकेट की बात हो तो वह (मेरे पिता) और मेरे बेस्ट फ्रेंड ही हैं, जिनकी 2 लोगों की बात मैं सुनता हूं और उनकी राय पर गौर करता हूं, लेकिन हां, उन्हें इस बात की कसक है कि मैं तिहरा शतक बनाने से चूक गया। उन्होंने मुझसे यह भी कहा कि तुम अपने तिहरे शतक से चूक गए।’

बीसीसीआई के वीडियो में देखा जा सकता है कि बर्मिंघम के एजबेस्टन स्टेडियम और होटल के बाहर बड़ी संख्या में शुभमन गिल के फैंस एकत्र थे। जब वह होटल पहुंचे तो ढोल-नगाड़े बज रहे थे। शुभमन गिल जब होटल की लॉबी में एंट्री करने लगे तो वहां एक बच्चा बैट लिए उनका इंतजार कर रहा था। गिल रुके और उसके बैट पर अपना आटोग्राफ दिया। इसके बाद शुभमन गिल को वह संदेश सुनाया गया, जो उनके माता-पिता ने उनके लिए भेजा था।





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