भले ही दहेज प्रथा को रोकने के लिए कठोर कानून बनाए गए हैं, फिर भी लोग इसका शिकार हो रहे हैं। ऐसा ही एक मामला क्षेत्र के रामपुर मझिला गांव में सामने आया है, जहां दुल्हन मेहंदी लगाए बैठी रही और कन्या पक्ष के लोग बरात का इंतजार करते रहे। मगर पांच लाख रुपये हार्ड कैश न देने पर दहेज लोभी बरात नहीं लगाए। बरातियों के लिए बना खाना भी बर्बाद हो गया। कन्या के पिता ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
दुल्हन के पिता ने बताया कि उन्होंने बेटी का रिश्ता मध्य प्रदेश के जनपद व कोतवाली भिंड के गांव भीमपुरा भूप निवासी राजकुमार के बेटे गोलू के साथ तय की थी। मझिया के सामने दहेज भी तय हो गया था। रविवार को बरात आनी थी। देर शाम को दूल्हे के पिता ने फोन कर पांच लाख रुपये की मांग की। जब उन्होंने असमर्थता जताई तो बरात लाने से इन्कार कर दिया। पूरी रात वह लोग बरात आने के इंतजार में बैठे रहे तो बेटी भी मेहंदी लगाए दूल्हे के इंतजार में बैठी रही। सुबह तक बरात नहीं आई तो पिता थाने पहुंचा और थानाध्यक्ष नीलम सिंह को आपबीती बताई।
उसने बताया कि बरातियों की आवभगत के लिए उसने बेहतर सजावट कराई थी और खाना भी बनवाया था। बरात न आने से खाना भी बर्बाद हो गया और उसकी सामाजिक छवि भी धूमिल हुई। कुछ लोग उसकी बदनामी भी कर रहे हैं। इसमें मझिया भी सह है। देर रात तक उसे पांच लाख रुपये की मांग होती रही। उसने कोशिश भी की, लेकिन रात में अचानक इतनी बड़ी रकम की व्यवस्था नहीं हो सकी। बरात न आने की जानकारी मिलते ही उसके रिश्तेदार भी चले गए। थानाध्यक्ष नीलम सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। वर पक्ष के लोगों को बुलाया गया है। दहेज उत्पीड़न की प्राथमिकी दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।