Prayagraj Magh Mela : शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के राथ को संगम जाने से रोका गया, समर्थक साधुओं से पुलिस की तीखी नोकझोंक
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Prayagraj Magh Mela : शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के राथ को संगम जाने से रोका गया, समर्थक साधुओं से पुलिस की तीखी नोकझोंक

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अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह

Updated Sun, 18 Jan 2026 10:36 AM IST

Prayagraj Magh Mela : मौनी अमावस्या पर राजसी स्नान की तरह जुलूस निकालने पर पुलिस प्रशासन ने ज्योतिष पीठाधीश्वर शंकराचार्य अविमक्तेश्वरानंद सरस्वती के रथ को संगम के पहले रोक दिया। इसको लेकर शंकराचार्य के समर्थकों और पुलिस में तीखी नोकझोंक हो गई। पुलिस ने कुछ साधुओं को हिरासत में ले लिया है। इसको लेकर संगम पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई। शंकराचार्य ने पुलिस प्रशासन के रवैये को मनमाना और तानाशाहीपूर्ण बताया है। मौके पर पुलिस कमिश्नर और मंडलायुक्त समेत तमाम अधिकारी मौजूद हैं। 


Prayagraj Magh Mela Shankaracharya Avimukteshwarananda's chariot was prevented from entering the Sangam

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के रथ को संगम से पहले रोक दिया गया।
– फोटो : अमर उजाला।



विस्तार


मौनी अमावस्या के मौके पर संगम स्नान करने जा रहे ज्योतिष्ठ पीठाधीश्वर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद  के रथ को पुलिस प्रशासने संगम तक जाने से रोक दिया। उनके रथ और जुलूस को रास्ते में रोक दिया गया। इसको लेकर शंकराचार्य के समर्थक साधु संतों और पुलिस में तीखी नोकझोंक हो गई। शंकराचार्य ने पुलिस और मेला प्रशासन पर मनमानी और तानाशाही करने का आरोप लगाया गया। घटना के चलते संगम पर अफरातफरी का माहौल रहा।

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पुलिस से झड़प की सूचना वायरलेस पर प्रसारित होने के बाद बड़ी संख्या में अधिकारी मय फोर्स संगम तट पर पहुंच गए। पुलिस ने अविमुक्तेश्वरानंद को रथ से नीचे नहीं उतरने दिया। कहा कि जुलूस के साथ संगम तट त जाने की अनुमति नहीं है। पांच लोगों के साथ जाकर स्नान करें। इस पर शंकराचार्य ने आपत्ति जाहिर की और पुलिस प्रशासन के रवैये को मनमाना बताया। घटना के बाद देखते ही देखते पूरा संगम क्षेत्र पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल, पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार, मेलाधिकारी ऋषिराज आदि अधिकारी पहुंच गए। 







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