झांसी पहुंचे बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव।
बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव ने चेक बाउंस केस को लेकर कहा- सुप्रीम कोर्ट अपना है, देश अपना है और हम देश के हैं। जो भी फैसला होगा, वह सबके हित में होगा। जब तिहाड़ जेल में था, तब भी खुद पर हंसा और दूसरों को हंसाया। तनाव तो बचपन से नहीं रहा।
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राजपाल यादव गुरुवार रात करीब 8 बजे झांसी के सिविल लाइंस स्थित एक नए ज्वैलरी शोरूम के उद्घाटन के लिए पहुंचे थे। उनके आने की जानकारी मिलते ही फैन्स की भीड़ जुट गई। लोगों में उनके साथ सेल्फी लेने की होड़ लगी रही।
पहले 2 तस्वीरें देखिए…

पुलिसकर्मी भी मोबाइल निकालकर राजपाल यादव के साथ तस्वीरें लेते नजर आए।

झांसी सदर विधायक रवि शर्मा और पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने राजपाल यादव को शॉल ओढ़ाकर स्वागत किया।
केस पर बोले- तनाव तो बचपन से ही कम है
चेक बाउंस केस को लेकर तनाव के सवाल पर राजपाल यादव ने अपने चिर-परिचित मजाकिया अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा- तनाव तो बचपन से ही कम है। तिहाड़ जेल में बिताए समय के अनुभव के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वहां मैं खुद को हंसाता था। लोगों को खूब हंसाता था।
आगे कहा यह न्यायालय से जुड़ा मामला है। फिलहाल इस पर ज्यादा बोलना ठीक नहीं रहेगा। कोर्ट का जो भी फैसला आएगा, वह आप लोगों के सामने होगा। बस अपना प्यार यूं ही बनाए रखिए।
झांसी से अपने जुड़ाव के बारे में राजपाल यादव ने कहा- यह शहर मेरे लिए हमेशा से खास रहा है। पिछले 26 साल से झांसी के पास ओरछा रामराजा दरबार और दतिया में पीतांबरा माई के दर्शन करने आता रहा हूं। मेरे कई मित्र और गुरुभाई झांसी से जुड़े हुए हैं।

राजपाल बोले- तिहाड़ में खुद को खुश रखता था।
बोले- हर दूसरे महीने फिल्मों में दिखेंगे।
अपनी आगामी फिल्मों को लेकर राजपाल यादव ने बताया- दर्शक अब हर दूसरे महीने मेरी एक फिल्म देख सकेंगे। अभी करीब 12 फिल्में पाइपलाइन में हैं। ऐसे में आने वाले समय में वह लगातार बड़े पर्दे पर नजर आएंगे।
मीडिया से बातचीत के अंत में राजपाल यादव ने अपनी एक फिल्म के डायलॉग का जिक्र करते हुए कहा, “जो भी लाना, दो लाना।” उनके इस मजाकिया अंदाज ने वहां मौजूद लोगों का ध्यान खींचा।
फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए लिया था लोन
चेक बाउंस का यह मामला साल 2010 का है। राजपाल यादव ने अपनी पहली निर्देशित फिल्म अता पता लापता बनाने के लिए एक प्राइवेट कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से करीब 5 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था।
यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो गई, जिसके बाद राजपाल यादव कर्ज की रकम समय पर नहीं लौटा पाए। रकम न चुकाने के कारण यह पूरा मामला कानूनी लड़ाई में बदल गया।

राजपाल यादव यूपी में शाहजहांपुर के रहने वाले हैं। उन्होंने फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए पैसा उधार लिया था।
साल 2018 में मिली थी छह महीने की सजा
- अप्रैल 2018 में एक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने चेक बाउंस मामले में राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा को दोषी ठहराया था। राजपाल को छह महीने जेल की सजा सुनाई थी। इसके बाद साल 2019 की शुरुआत में सेशंस कोर्ट ने भी इस फैसले को सही ठहराया था।
- जून 2024 में हाईकोर्ट ने राजपाल यादव की सजा पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी थी। कोर्ट ने उन्हें करीब 9 करोड़ रुपए का बकाया चुकाने को कहा था। हालांकि, वे तय रकम चुकाने में नाकाम रहे। इस साल 2 फरवरी को कोर्ट ने उन्हें सरेंडर करने का आदेश दिया था।
- राजपाल ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद 5 फरवरी, 2026 को तिहाड़ जेल में सरेंडर किया था। 12 दिन जेल में बिताने के बाद 17 फरवरी को उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई थी।

12 दिनों तक तिहाड़ जेल में रहने के बाद 17 फरवरी को रिहा हुए थे राजपाल। केस में उनकी पत्नी राधा यादव भी आरोपी हैं।

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