मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों को ध्वस्त करने के आदेश के विरोध में शनिवार को छात्रों ने यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। धरने में शामिल छात्र-छात्राओं ने कहा कि भवनों के नक्शे और अन्य प्रशासनिक विवादों की सजा विद्यार्थियों को नहीं मिलनी चाहिए।
सरकार यदि चाहे तो यूनिवर्सिटी को अपने अधीन लेकर उसका संचालन करे, लेकिन हजारों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न किया जाए। जौहर यूनिवर्सिटी को आरडीए की ओर से ध्वस्तीकरण का नोटिस दिया गया है। इसको लेकर सियासत भी शुरू हो गई है। आरडीए के नोटिस के बाद छात्रों का गुस्सा भड़क गया है।








