Real police arrived during the shooting of ‘Vijeyata’ | ‘विजेयता’ की शूटिंग के दौरान पहुंची असली पुलिस: क्रू मेंबर को लगा फिल्म का सीन, एक्टर्स ने कहा- यह तो स्क्रिप्ट में नहीं था
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Real police arrived during the shooting of ‘Vijeyata’ | ‘विजेयता’ की शूटिंग के दौरान पहुंची असली पुलिस: क्रू मेंबर को लगा फिल्म का सीन, एक्टर्स ने कहा- यह तो स्क्रिप्ट में नहीं था

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43 मिनट पहलेलेखक: वीरेंद्र मिश्र

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माय फ्रेंड गणेशा फेम डायरेक्टर राजीव एस. रुइया की फिल्म ‘विजेयता’ कोलकाता के एक उद्यमी डॉ. राजेश के. अग्रवाल के वास्तविक जीवन की ‘जीरो टू हीरो’ यात्रा पर आधारित है। यह फिल्म आज थिएटर में रिलीज हो चुकी है। पिछले दिनों इस फिल्म को लेकर डायरेक्टर राजीव एस. रुइया, स्टारकास्ट रवि भाटिया और भारती अवस्थी ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत की। फिल्म की शूटिंग का एक किस्सा शेयर करते हुए डायरेक्टर ने बताया कि कैसे असली पुलिस सेट पर पहुंची और क्रू मेंबर को लगने लगा कि असली सीन की शूटिंग चल रही है। बातचीत के दौरान फिल्म की स्टारकास्ट और डायरेक्टर ने फिल्म से जुड़े कुछ और किस्से शेयर किए।

पढ़िए उनसे हुई बातचीत के कुछ प्रमुख अंश..

दैनिक भास्कर से बातचीत के दौरान डायरेक्टर राजीव एस. रुइया, कास्ट रवि भाटिया और भारती अवस्थी।

दैनिक भास्कर से बातचीत के दौरान डायरेक्टर राजीव एस. रुइया, कास्ट रवि भाटिया और भारती अवस्थी।

सवाल- राजीव जी, फिल्म के बारे में बताएं, किस तरह की यह फिल्म है?

जवाब- यह फिल्म एक ऐसे इंसान राजेश अग्रवाल की बायोपिक है। जिनकी लाइफ का यह मोटो था कि जीरो से हीरो कैसे बनें? उन्होंने अपनी जिंदगी में जो भी काम शुरू किया, उसमें विफलता ही मिली। उन्होंने 3-4 बिजनेस शुरू किया जिसमें उन्हें विफलता मिली, लेकिन हिम्मत नहीं हारा और आज टॉप के बिजनेसमैन हैं। यह फिल्म जो भी देखेगा उसे लगेगा कि यह हमारी अपनी कहानी है।

सवाल- रवि जी, आप कैसे इस फिल्म से जुड़े?

जवाब- इस फिल्म से पहले राजीव सर के साथ 3-4 सॉन्ग और एक फिल्म में भी छोटा सा कैमियो कर चुका हूं। राजीव सर ने इस फिल्म के बारे में बताया जिसमें किरदार की जर्नी को 17 साल से 50 साल तक दिखाया गया है। 17 साल का किरदार निभाना तो आसान था, लेकिन 50 साल के बॉडी लैंग्वेज को समझना मेरे लिए थोड़ा मुश्किल था। राजीव सर ने मुझे प्रोत्साहित किया। इस वजह से यह किरदार निभा पाया हूं।

फिल्म में रवि भाटिया और भारती अवस्थी की लीड भूमिका

फिल्म में रवि भाटिया और भारती अवस्थी की लीड भूमिका

सवाल- भारती जी, आपको इस फिल्म में काम करने का मौका कैसे मिला?

जवाब- इस फिल्म के लिए राजीव जी का फोन आया था। उन्होंने बताया था कि मेरे चेहरा फिल्म के किरदार के साथ मिलता जुलता है। मेरे यह पहली फिल्म है। जब राजीव सर ने मुझे स्क्रिप्ट सुनाई तो थोड़ी नर्वस थी। क्योंकि एक वास्तविक किरदार को परदे पर निभाना बहुत बड़ी जिम्मेदारी होती है। राजीव सर ने मेरे मनोबल बढ़ाया, उन्हें विश्वास था कि इस किरदार को निभा सकती हूं। मैंने उनके इस विश्वास पर पूरी तरह से खरी उतरने की कोशिश की।

सवाल- राजीव जी, किसी व्यक्ति के जीवन को पर्दे पर उतरना आसान नहीं होता है, आपको किस तरह की चुनौतियां आईं?

जवाब- चुनौतियां तो पहले ही दिन से शुरू हो गई थीं। लोग मुझे ‘माई फ्रेंड गणेशा’ जैसी बच्चों की फिल्म से जानते हैं। मैं सोच रहा था कि बायोपिक बनाने का रिस्क लेने जा रहा हूं। अगर असफल हुआ तो बहुत गाली पड़ेगी, लेकिन जब कहानी सुनी तो मुझे बहुत ही प्रेरणादायक लगी। तभी सोच लिया कि यह फिल्म करनी है।

सवाल- रवि जी, शूटिंग के दौरान आपके लिए सबसे बड़ी चुनौती क्या थी?

जवाब- मुझे 50 साल की उम्र के लिए प्रोस्थेटिक मेकअप करवाना पड़ता था। इसे करने में कम से कम 3-4 घंटे लगते थे। अगर सुबह 9 बजे की शिफ्ट होती थी तो मेरा मेकअप 6 बजे से ही शुरू हो जाता है। प्रोस्थेटिक मेकअप में आमतौर पर 4 घंटे से ज्यादा शूट नहीं कर सकते हैं, क्योंकि केमिकल से स्किन जल जाती है और बहुत दर्द होता है। लेकिन जब कहानी और किरदार में डूबे रहते हैं तो उस दर्द का एहसास नहीं होता है। मैंने उसी मेकअप में 12 घंटे शूटिंग की। फिल्म ‘पा’ में अमिताभ बच्चन का प्रोस्थेटिक मेकअप ही था।

सवाल- भारती जी, सुना है कि शूटिंग के दौरान पैर में चोट लग गया, उसके बाद भी आप शूटिंग करती रहीं, उस क्षण के बारे में कुछ बताएं?

जवाब- अंतिम दिन गाने की शूटिंग चल रही थी। एक सीन में पानी में भागकर आना था और डांस करना था। पानी के अंदर पैर में कुछ घुस गया। रवि की नजर पड़ी कि पानी लाल क्यों दिख रहा है। तब मुझे पता चला की पैर में ज्यादा जख्म हो गया, लेकिन शूटिंग में कभी दर्द का एहसास ही नहीं हुआ।

डायरेक्टर राजीव एस. रुइया एक्ट्रेस भारती अवस्थी को फिल्म का एक सीन समझते हुए।

डायरेक्टर राजीव एस. रुइया एक्ट्रेस भारती अवस्थी को फिल्म का एक सीन समझते हुए।

सवाल- राजीव जी, शूटिंग के दौरान ऐसी कोई घटना जिसके बारे में बताना चाहें?

जवाब- कोलकाता आज के समय में बहुत आधुनिक हो गया है। पहले के कोलकाता का लोकेशन हमें ओल्ड भोपाल में मिला। कोलकाता जैसी गलिया और दुकानें वहां मिल गई थी। वहीं मार्केट में शूट कर रहे थे। फिल्म के एक सीन में एक दुकानदार को दिखाना था। दुकानदार के रोल में भोपाल के एक पुराने थिएटर एक्टर को कास्ट किया था। अचानक पुलिस बैन आई और उसको लेकर चली गई। सबको लग रहा था कि वह शूटिंग का ही हिस्सा है, लेकिन हमारे लीड एक्टर्स कन्फ्यूज हो गए कि वह तो सीन तो स्क्रिप्ट में नहीं था।

दरअसल, जिस एक्टर को हमने कास्ट किया था। पुलिस उसे 3-4 महीने से ढूंढ रही थी। कुछ केस रहा होगा। अगर उस दिन शूटिंग नहीं करते तो 2-3 महीने तक शूटिंग नहीं हो पाती। क्योंकि पीएम आने वाले थे, इस वजह से उस लोकेशन पर 2-3 महीने तक शूटिंग की अनुमति नहीं थी। फिर मैंने अपने फिल्म के राइटर को दुकानदार वाले रोल में कास्ट करके शूटिंग पूरी की।



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