Rohtak Pankaj Nagar rolls royce car for Actor akshay kumar | Haryana News | हरियाणवी ने कबाड़ कार को दिया रोल्स रॉयस का लुक: मुंबई जाकर एक्टर अक्षय कुमार को गिफ्ट करेगा; 10वीं पास जुगाड़ू इंजीनियर नाम से मशहूर – Rohtak News
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Rohtak Pankaj Nagar rolls royce car for Actor akshay kumar | Haryana News | हरियाणवी ने कबाड़ कार को दिया रोल्स रॉयस का लुक: मुंबई जाकर एक्टर अक्षय कुमार को गिफ्ट करेगा; 10वीं पास जुगाड़ू इंजीनियर नाम से मशहूर – Rohtak News

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रोहतक के गांव महम खेड़ी में कबाड़ एसेंट गाड़ी को मॉडिफाई करके दिया रोल्स रॉयस का लुक।

रोहतक में महम खेड़ी गांव के 10वीं पास युवक पंकज नागर ने कबाड़ में खरीदी पुरानी कार को रोल्स‑रॉयस का लुक दे दिया। इसमें चार महीने की दिन-रात की मेहनत लगी है। इस गाड़ी की पूरी बॉडी को पंकज ने खुद मॉडिफाई किया है, जो आगे से रोल्स रॉयस जैसे फील देती है।

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अब वह इसे बॉलीवुड स्टार अक्षय कुमार को गिफ्ट करने की इच्छा रखता है। नवरात्रों के बाद गाड़ी को ट्रक में लादकर मुंबई लेकर जाएगा। पंकज के पास कमाई का कोई जरिया नहीं है। उसने बड़े भाई से पैसे लेकर यह कार मॉडिफाई की। बड़े भाई दीपक नागर कहते हैं कि भाई का शौक पूरा करने के लिए पैसे दिए। अब उसकी मेहनत देखकर गर्व भी हो रहा है और हैरानी भी।

पंकज को बचपन से ही अक्षय कुमार की फिल्में देखने का शौक है। अक्षय कुमार खुद साल 2012 में रिलीज हुई फिल्म ‘जोकर’ और 2018 में आई ‘पैड मैन’ जुगाड़ू इनोवेटर का किरदार निभा चुके हैं। साल 2012 में पंकज नागर की उम्र 5 साल की थी। ये कार बनाने के बाद अब पंकज जुगाड़ू इंजीनियर के नाम मशहूर हो रहा है।

मॉडिफाई कार के साथ पंकज नागर।

मॉडिफाई कार के साथ पंकज नागर।

अब जानिए कैसे देसी जुगाड़ से बदल दिया कार का रंग-रूप…

  • छोटी उम्र में खिलौना कारों में जुगाड़ करता था : गांव महम खेड़ी के पंकज बताते हैं कि उन्हें बचपन से ही दो शौक रहे हैं। पहला अक्षय कुमार की फिल्में देखने का और दूसरा छोटी-छोटी मोटरों को जोड़कर कुछ ना कुछ बनाते रहने का। जब 5 या 7 साल उम्र रही होगी। परिवार वाले खिलौना कारें दिलाते तो वह उनमें भी कुछ न कुछ जुगाड़ करने लगता था। तभी से सपना था कि एक दिन अक्षय कुमार के लिए बढ़िया गाड़ी बनाऊंगा।
  • पढ़ाई में नहीं चलता था दिमाग, खूब पिटाई झेली : पंकज नागर ने बताया कि पढ़ाई में शुरू से ही मन नहीं लगता था। स्कूल में मास्टर भी उसे खूब पीटते थे। घर में भाई दीपक, पिता कर्मबीर व मां निर्मला ने भी उसे खूब समझाया कि पढ़ ले, लेकिन उसका मन तो मैकेनिक बनने का था। एक बार तो पिता व भाई ने उसे पढ़ाई न करने पर मारा भी, लेकिन आखिर में वो भी समझ गए कि अगर वह पढ़ाई नहीं कर रहा है तो जो उसे अच्छा लगता है, वह करने दें।
  • 40 हजार की खरीदी थी कबाड़ एसेंट कार : बाद में परिवार वालों ने सहयोग किया। पंकज ने बताया कि रोहतक में अपने मामा के पास मैकेनिक का काम सीखने लगा। फिर डेंटर का काम किया। उसने एक कबाड़ एसेंट कार 40 हजार रुपए में खरीदी थी, जिसकी पूरी बॉडी बदली गई है। इंजन जरूर एसेंट गाड़ी का ही लगा है, लेकिन टायर का स्टाइल से लेकर अन्य सारा सामान खुद तैयार किया है।
  • मॉडिफाई में आया करीब 4 लाख खर्च : कुछ पार्ट्स दिल्ली से लाया, कुछ घर पर तैयार किए और पूरी गाड़ी की बॉडी को एक नया लुक दिया है। पंकज ने बताया कि गाड़ी को पूरी तरह मॉडिफाई करने में करीब 4 लाख रुपए खर्च हो चुके हैं, लेकिन गाड़ी बनाने के बाद परिवार वालों को विश्वास हो गया कि वह मैकेनिक के काम भी अच्छा करेगा और परिवार का नाम रोशन करेगा। अब पूरा परिवार सपोर्ट कर रहा है।
गाड़ी बनाने वाला पंकज नागर अपने परिवार के साथ।

गाड़ी बनाने वाला पंकज नागर अपने परिवार के साथ।

भाई बोला- पुलिस की तरह बांधकर पीटा, फिर भी नहीं माना पंकज के बड़े भाई दीपक नागर ने बताया कि वह RPF में नौकरी लगे थे, लेकिन एक इंजरी के कारण बाद में उन्हें रेलवे में टेक्नीशियन की जॉब मिल गई। वह छोटे भाई पंकज को पढ़ाकर सिविल सर्विस में भेजना चाहते थे, लेकिन पंकज का दिमाग पढ़ाई से ज्यादा मैकेनिक के काम में लगता था।

दीपक ने बताया कि एक बार पंकज को पुलिस वालों की तरफ हाथ पैर बांधकर काफी पीटा था कि पढ़ाई कर ले, जिंदगी संवर जाएगी। लेकिन पंकज नहीं माना और कहा कि चाहे जो कर लो, उसे तो मैकेनिक ही बनना है। उसकी जिद के आगे वह भी झुक गए और कहा कि जो करना है, कर।

पुरानी गाड़ी कर लाया तो पिता बोले- ये क्या बीमारी ले आया पिता कर्मबीर ने बताया कि पंकज ने परिवार के सदस्यों को पहले नहीं बताया कि वह कोई गाड़ी लेकर उसे मॉडिफाई करने वाला है। पंकज ने कहा था कि बस उसका साथ दो, वह कुछ करना चाहता है। पंकज के भाई दीपक ने पूरा साथ दिया और पैसे भी दीपक ने ही लगाए है, ताकि पंकज अपना सपना पूरा कर सके। जब वो पुरानी कबाड़ा गाड़ी लेकर आया तो मैंने कहा- ये क्या बीमारी ले आया। अब खुशी हो रही है। गांव के लोग सराहना कर रहे हैं। कुछ लोग जलन भी महसूस कर रहे हैं।

गाड़ी के पार्ट वैल्ड करते हुए पंकज नागर।

गाड़ी के पार्ट वैल्ड करते हुए पंकज नागर।

पंकज ने गाड़ी मॉडिफाई की तो खुशी है कि वह अच्छा कमा सकता है पंकज की मां निर्मला ने बताया कि पहले तो उसे पंकज का मैकेनिक वाला काम करना अच्छा नहीं लगता था। पढ़ाई ना करने पर उसे टोकते भी थे, लेकिन आज जब उसने एक कबाड़ गाड़ी को मॉडिफाई करके नए जैसा बना दिया है तो अब उन्हें संतोष है कि वह अच्छा कमा सकता है।

अक्षय कुमार की कलेक्शन में करोड़ों की गाड़ियां मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अक्षय कुमार की कार कलेक्शन में महंगी से महंगी गाड़ियां शामिल हैं। इनमें रोल्स-रॉयस फैंटम VII, बेंटली कॉन्टिनेंटल फ्लाइंग स्पर, रेंज रोवर वोग, पॉर्श कायेन, मर्सिडीज-बेंज़ जीएलएस, मर्सिडीज-बेंज जीएल 350 सीडीआई, मर्सिडीज-बेंज वी-क्लास, होंडा सीआर-वी व जीप कंपास शामिल हैं।

गाड़ी को पेंट करते हुए पंकज नागर।

गाड़ी को पेंट करते हुए पंकज नागर।

पंकज बोला- ये कार महंगी नहीं, बस सपना है अक्षय इसे लें पंकज ने कहा- मुझे पता है कि अक्षय कुमार के पास करोड़ों रुपए कीमत की गाड़ियां हैं। लेकिन जो सपना है उसे पूरा करके देखेंगे। मेरा सपना है कि अक्षय ये कार लें। ये कार पेट्रोल इंजन है और 12 किलोमीटर प्रति लीटर की माइलेज दे रही है। पुराने इंजन को नए सिरे से बांधा है। हेड-लाइट्स भी खुद असेंबल की हैं।

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