सहालग के भारी दबाव के बीच रसोई गैस की किल्लत ने खुशियों पर ग्रहण लगा दिया है। अक्षय तृतीया के अबूझ मुहूर्त पर घर-घर शहनाइयां बजेंगी, लेकिन दावत तैयार करने के लिए सिलिंडर नहीं मिल रहे हैं। आलम यह है कि जिस दूल्हे के चेहरे पर हल्दी की चमक होनी चाहिए थी, उसे शनिवार को […]





