टिपण्णी

रश्मि बंसल का कॉलम: केवल सिनेमा के परदे तक ही सीमित नहीं है पार्टिशन की याद

कुछ दिन पहले मैं अमृतसर में थी, कुछ काम से। इस शहर की सबसे बड़ी खासियत है खाना। शादियों में आपने अमृतसरी कुलचा जरूर खाया होगा, मगर किसी छोटे-से ढाबे में बैठकर, तंदूर से निकले गरमा-गरम कुलचे खाने का मजा कुछ और ही है। दूसरी बड़ी बात यह है कि अमृतसर की रग-रग में इतिहास […]