इस समय युद्ध के जो दृश्य चल रहे हैं, उसे देख कबीर की एक पंक्ति याद आती है- चींटी चावल ले चली बीच में मिल गई दाल, कहत कबीर दो न मिले एक ले दूजी डाल। एक चींटी चावल का दाना लेकर जा रही थी। रास्ते में दाल मिल गई तो सोचा दाल भी ले […]
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: साथ भोजन करने से शांति व प्रेम का माहौल बनता है
जीवन में अशांति आने के अनेक रास्ते हैं, पर शांति के मार्ग सीमित हैं। उनमें से एक है- भोजन। अन्न भी हमें बहुत शांति पहुंचा सकता है। भोजन का संबंध तीन बातों से हैं- बनाना, परोसना, खाना। और यदि ये ठीक हों तो पचाना आसान है। अन्न की ये तीनों प्रक्रियाएं मनुष्य को शांत कर […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: साथ भोजन करने से शांति व प्रेम का माहौल बनता है
जीवन में अशांति आने के अनेक रास्ते हैं, पर शांति के मार्ग सीमित हैं। उनमें से एक है- भोजन। अन्न भी हमें बहुत शांति पहुंचा सकता है। भोजन का संबंध तीन बातों से हैं- बनाना, परोसना, खाना। और यदि ये ठीक हों तो पचाना आसान है। अन्न की ये तीनों प्रक्रियाएं मनुष्य को शांत कर […]






