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रसरंग में मेरे हिस्से के किस्से: हर वक्त गुस्से में क्यों रहते थे सागर सरहदी?

मैंने पिछले हफ्ते स्क्रीनप्ले राइटर सागर सरहदी साहब की बात की थी और बताया था कि उन्होंने कैसे ‘कभी-कभी’ से शुरुआत की और फिर ‘सिलसिला’, ‘नूरी’, ‘चांदनी’ तक उनके पास रोमांटिक फिल्मों की लाइन लग गई। आज इससे आगे की बात। बकौल सरहदी साहब, मैंने ‘कभी-कभी’ में एक डायलॉग लिखा था, जहां राखी की आंखों […]