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रश्मि बंसल का कॉलम: मन जो कहता है वो पढ़िए, पर शब्दों की पहली सीढ़ियां तो चढ़िए

Hindi News Opinion Rashmi Bansal Column | Reading Habits Childhood Comics Lifestyle Tips 3 घंटे पहले कॉपी लिंक रश्मि बंसल, लेखिका और स्पीकर बचपन में न तो टीवी था न मोबाइल, तो बच्चे छुट्टियों में क्या करते थे? कॉमिक्स पढ़ते थे। खरीदने का तो सवाल ही नहीं, हम पढ़ते थे किराये पर। कहलाती थी वो […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  गुरुकुलों में बच्चों को 4 बजे उठा देते हैं, जबकि हम घर में ‘स्लीप कॉप’ बने रहते हैं
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एन. रघुरामन का कॉलम: गुरुकुलों में बच्चों को 4 बजे उठा देते हैं, जबकि हम घर में ‘स्लीप कॉप’ बने रहते हैं

1960 के दशक में तमिलनाडु में नानाजी के गांव में बिताई गर्मी की छुट्टियां असल में समर क्लासेस ही होती थीं। आमतौर पर हमें सुबह 4 से 4.30 बजे के बीच जगा कर सभी भाई-बहनों को कोई काम दिया जाता था। जैसे, सबसे बड़ा बच्चा कुएं से पानी निकालकर बैकयार्ड में रखे ‘हुंडा’ नाम के […]