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- Pt. Vijayshankar Mehta Column | Power Of Hard Work And Prayer In Life
11 मिनट पहले
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पं. विजयशंकर मेहता
दो तरह की आंधियां जीवन में आती हैं- एक है ‘आई-गई’ आंधी और दूसरी ‘आई-ले गई’ आंधी। आई-गई आंधी मतलब आई, चली गई, आपको कोई फर्क नहीं पड़ा। लेकिन कुछ आंधियां ऐसी भी होती हैं, जो बहुत कुछ ले जाती हैं- चैन, अमन, शांति, स्वास्थ्य। तो जीवन में आंधी का सामना करने के लिए तीन काम करें। पहला, पुरुषार्थ। पुरुषार्थ का अर्थ होता है- जो काम करेंगे, उत्सवपूर्ण होकर करेंगे, आनंदित रहेंगे और कर्म में सत्य और नैतिकता का छींटा पड़ा रहेगा।
दूसरा, प्रार्थना। प्रार्थना का अर्थ मांग नहीं होता। यह ऐसी स्वीकृति है, जो हम भगवान से प्रकट करते हैं कि आपने हमें मनुष्य बनाया, इसका आभार। और तीसरा काम है, प्रतीक्षा। इसका अर्थ यह आश्वासन है कि कर्म हमने किया, परिणाम ईश्वर देगा। उसके देने में हमें कोई संदेह नहीं है।
इतना भरोसा है कि हम पुकारेंगे, वह आएगा। मेहनत हमें करनी है, लेकिन मेहनत के पीछे की ताकत ऊपर वाला देगा। तो बड़ी से बड़ी आंधी आई-गई हो जाएगी, आई-ले गई नहीं रहेगी।








