एन. रघुरामन का कॉलम:  छोटी-छोटी लतें नहीं रोकीं तो वे बड़ी समस्या बन सकती हैं
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एन. रघुरामन का कॉलम: छोटी-छोटी लतें नहीं रोकीं तो वे बड़ी समस्या बन सकती हैं

मेरी भी कुछ छोटी लतें हैं। एक है ‘रिटर स्पोर्ट हेजलनट चॉकलेट’। यकीन मानिए कि 100 ग्राम के इस पैक को मैं हर लंच और डिनर के बाद चार हिस्सों में बांटकर महज दो दिनों में चट कर सकता हूं। हर विदेश यात्रा पर मैं पर्याप्त मात्रा में ये लेता हूं। बाहर से आने वाला […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  छोटी-छोटी लतें नहीं रोकीं तो वे बड़ी समस्या बन सकती हैं
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एन. रघुरामन का कॉलम: छोटी-छोटी लतें नहीं रोकीं तो वे बड़ी समस्या बन सकती हैं

मेरी भी कुछ छोटी लतें हैं। एक है ‘रिटर स्पोर्ट हेजलनट चॉकलेट’। यकीन मानिए कि 100 ग्राम के इस पैक को मैं हर लंच और डिनर के बाद चार हिस्सों में बांटकर महज दो दिनों में चट कर सकता हूं। हर विदेश यात्रा पर मैं पर्याप्त मात्रा में ये लेता हूं। बाहर से आने वाला […]

रश्मि बंसल का कॉलम:  बड़े आइडिया का इंतजार न कीजिए, एक शब्द से प्रेरणा लीजिए
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रश्मि बंसल का कॉलम: बड़े आइडिया का इंतजार न कीजिए, एक शब्द से प्रेरणा लीजिए

Hindi News Opinion Rashmi Bansal Column: Dont Wait For Big Ideas, Get Inspired By One Word 11 घंटे पहले कॉपी लिंक रश्मि बंसल, लेखिका और स्पीकर डॉक्टर साहिब शादी में गए। चार लोगों से मिले। सब ने अपनी हड्‌डी-पसलियों की शिकायत करते हुए मुफ्त सलाह ली। वकील साहिबा पार्टी में पहुंचीं तो मधुमक्खी की तरह […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  किसी की कुशलता पूछना आदत नहीं हमारा स्वभाव हो
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: किसी की कुशलता पूछना आदत नहीं हमारा स्वभाव हो

Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta Column | Indian Culture: Asking Wellbeing Is Nature, Not Habit 4 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता हमारी भारतीय संस्कृति में किसी की कुशलता पूछना जीवंत कृत्य है। धीरे-धीरे इसे हमने आदत बना लिया, जबकि यह पूछताछ स्वभाव होना चाहिए। हम समाज में किसी से मिलते हैं तो […]

नवनीत गुर्जर का कॉलम:  नए साल में नई शपथ, नए नियम
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नवनीत गुर्जर का कॉलम: नए साल में नई शपथ, नए नियम

2025 गया! 26 आ गया। अरदास यही है कि हमारे सभी कर्म सत्कर्म हों! ईश्वर कृपा करे कि इस बार पिछले साल जैसे हादसों का मुंह न देखना पड़े। हालांकि समय न किसी के लिए रुकता। न किसी के लिए चलता। उसकी अपनी चाल है। वर्षों से। युगों-युगों से। न वो कभी थका। न कभी […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  हम बाहर की दुनिया को भी क्लासरूम में ला सकते हैं
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एन. रघुरामन का कॉलम: हम बाहर की दुनिया को भी क्लासरूम में ला सकते हैं

पिछले बीस वर्षों से वह चौचिल्ला में एक ही जगह पर रह रहा था। उसने एक घंटे के लिए भी उस छोटी-सी जगह से बाहर कदम नहीं रखा। वह बाहर जा भी नहीं सकता, क्योंकि कोई उसे निकलने नहीं देगा। लेकिन पिछले दो हफ्तों से वह थाईलैंड से ऑस्ट्रेलिया तक यात्रा कर रहा है। इंटरव्यूज […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  सिर्फ पानी ही नहीं, आपके लिए सुरक्षित वाई-फाई भी जरूरी है
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एन. रघुरामन का कॉलम: सिर्फ पानी ही नहीं, आपके लिए सुरक्षित वाई-फाई भी जरूरी है

10 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु हाल ही में मेरी इंदौर यात्रा में मुझसे पूछा गया कि ‘क्या मैं आपको पीने के लिए पानी दूं?’ मैंने ‘नहीं’ कहा। वजह पानी में मिलावट की खबरें नहीं थीं, बल्कि बाहर ठंड थी और सच में मेरा पानी पीने का मन नहीं था। मेजबान ने […]