पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  अपने भीतर ही एक नायक को रचने की तैयारी करें
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: अपने भीतर ही एक नायक को रचने की तैयारी करें

पहले इंसान बनाने का काम माता-पिता, गुरुजन और समाज द्वारा किया जाता था। यह अभी भी चल रहा है, लेकिन सावधानी नहीं रखी तो इंसान बनाने का काम मशीन हाथ में ले लेगी। इसलिए टेक कंपनियों के कार्यों पर आध्यात्मिक फिल्टर लगाने का समय आ गया है। हमारी संस्कृति में परमात्मा ने एक अनूठा प्रयोग […]

रसरंग में मायथोलॉजी:  व्यापार मार्गों के जरिए दक्षिण में हुआ धर्म और संस्कृति का प्रसार
अअनुबंधित

रसरंग में मायथोलॉजी: व्यापार मार्गों के जरिए दक्षिण में हुआ धर्म और संस्कृति का प्रसार

पिछले सप्ताह हमने तेलंगाना और आंध्र प्रदेश की सांस्कृतिक भिन्नताओं के साथ यह भी जाना था कि किस प्रकार जैन और बौद्ध साधु आर्य संस्कृति को दक्षिण भारत तक लेकर आए। आज हम उसी चर्चा को आगे बढ़ा रहे हैं। बौद्ध और जैन साधु समुद्रतटों और नदीतटों के मार्ग से होते दक्षिण भारत पहुंचे थे। […]

सी.पी. राधाकृष्णन का कॉलम:  जहां आध्यात्मिकता का परम्परा से मिलन होता है
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सी.पी. राधाकृष्णन का कॉलम: जहां आध्यात्मिकता का परम्परा से मिलन होता है

तमिलनाडु लंबे समय से आध्यात्मिक भूमि रहा है। प्राचीन सांस्कृतिक विरासत, गहरी समावेशी भावना और अद्वितीय बुद्धिमत्ता से संपन्न हमारे तमिल प्रदेश ने पूरे देश के धर्मों को खुलेपन के साथ अपनाया और उन्हें पोषित किया। यही कारण है कि तमिलनाडु के लोगों ने जैन धर्म को सहज भाव से अपनाया, जिसका जन्म वर्तमान बिहार […]

पेरेंटिंग– बेटे को फैमिली ट्रेडिशन्स बहुत बोरिंग लगते हैं:  चाहती हूं कि वह परंपराओं से जुड़े, लेकिन क्या उसे फोर्स करना सही होगा?
महिला

पेरेंटिंग– बेटे को फैमिली ट्रेडिशन्स बहुत बोरिंग लगते हैं: चाहती हूं कि वह परंपराओं से जुड़े, लेकिन क्या उसे फोर्स करना सही होगा?

21 घंटे पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल कॉपी लिंक सवाल- मैं राजस्थान से हूं। मेरा 15 साल का एक बेटा है। हमारे परिवार में अक्सर पूजा-पाठ और कल्चरल एक्टिविटीज होती रहती हैं। मैं चाहती हूं कि मेरा बेटा भी इन पारिवारिक परंपराओं से जुड़े। लेकिन वह इन्हें बोरिंग और पुराने जमाने की चीजें कहकर टाल देता है। […]

‘आपन कहाये वाला के बा’ को पसंद कर रहे दर्शक, भोजपुरी संस्कृति की झलक देती है फिल्म
सिनेमा

‘आपन कहाये वाला के बा’ को पसंद कर रहे दर्शक, भोजपुरी संस्कृति की झलक देती है फिल्म

भोजपुरी फिल्मों को अक्सर अश्लीलता और भद्दे दृश्यों को लेकर आलोचना झेलनी पड़ती है. लेकिन इसी बीच रिलीज हुई फिल्म ‘आपन कहाये वाला के बा’ ने दर्शकों के दिलों में जगह बनाने में कामयाब रही है.  दर्शकों का मानान है कि यह फिल्म न सिर्फ भोजपुरी समाज और संस्कृति की सच्ची तस्वीर पेश करती है, […]

इंपैक्ट फीचर:  नेशनल बुक ट्रस्ट का विश्व पुस्तक मेला एक फरवरी से, साहित्य-संस्कृति का जश्न भी मनेगा – New Delhi News
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इंपैक्ट फीचर: नेशनल बुक ट्रस्ट का विश्व पुस्तक मेला एक फरवरी से, साहित्य-संस्कृति का जश्न भी मनेगा – New Delhi News

भारत में पठन संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गठित शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार की पुस्तक संबंधित नोडल एजेंसी, नेशनल बुक ट्रस्ट, इंडिया (एनबीटी), बहुप्रतीक्षित नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले की मेजबानी करने के लिए पूरी तरह तैयार है। 1 से 9 फरवरी, 2 . आयोजन तिथि: 1 से 9 फरवरी, 2025 समय: सुबह […]