शेखर गुप्ता का कॉलम:  युद्ध में अपने लक्ष्यों का स्पष्ट होना सबसे जरूरी होता है
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शेखर गुप्ता का कॉलम: युद्ध में अपने लक्ष्यों का स्पष्ट होना सबसे जरूरी होता है

ऑपरेशन सिंदूर के 88वें घंटे पर भारत ने युद्धविराम की पाकिस्तानी गुजारिश को स्वीकार करने में हड़बड़ी की ​थी या बुद्धिमानी दिखाई थी? क्या भारत को लड़ाई जारी रखनी चाहिए थी और कब तक? इस तरह के सवाल हाल ही में तब उभरे, जब इस ऑपरेशन पर स्विट्जरलैंड की एक संस्था ‘सेंटर फॉर मिलिट्री हिस्ट्री […]