शिव्या नाथ का कॉलम:  कोई भी तकनीक हमसे जीने की अनुभूति नहीं छीन सकती
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शिव्या नाथ का कॉलम: कोई भी तकनीक हमसे जीने की अनुभूति नहीं छीन सकती

मुम्बई की कई और शामों जैसी ही वह एक शाम थी। मैं मरीन ड्राइव की सी-वॉल पर बैठी थी और मेरे हेडफ़ोन में लियोनार्ड कोहेन का गीत ‘फेमस ब्लू रेनकोट’ बज रहा था। हवा ने मेरे बालों को बिखेर दिया था और डूबते सूरज की लालिमा मेरी आंखों में समा गई थी। जैसे ही आग […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  एआई की दुनिया में असलियत में लोगों से मिलना अब भी फायदेमंद है
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एन. रघुरामन का कॉलम: एआई की दुनिया में असलियत में लोगों से मिलना अब भी फायदेमंद है

‘गूगल… एयरपोर्ट पर रो रहे बच्चे को कैसे संभालें?’ यह सवाल उन क्रिकेटप्रेमियों को जाना-पहचाना लगेगा, जिन्होंने हाल ही में आईपीएल मैच देखे थे। इससे शायद आपको ओपनएआई के चैटजीपीटी वाले उस विज्ञापन की याद आए, जिसमें फ्लाइट लेट होने की वजह से दो लोग एयरपोर्ट पर फंसे हैं। समय बिताने को वे वॉइस कमांड […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  एआई सक्रिय हो जीवन में, लेकिन हम लाचार भी न हों
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: एआई सक्रिय हो जीवन में, लेकिन हम लाचार भी न हों

Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta: AI In Life, Mutual Amplification | Hindu Philosophy 12 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता जब श्रीराम ने युद्ध के पहले अंगद को दूत बनाकर रावण के पास भेजा तो एक बहुत अच्छी बात उन्होंने बोली थी- अंगद, रावण से तुम्हारा व्यवहार इस प्रकार होना चाहिए कि […]

डॉ. राम चरण का कॉलम:  मीटिंग करना भी एक स्किल है, इस पर ठीक से काम करें
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डॉ. राम चरण का कॉलम: मीटिंग करना भी एक स्किल है, इस पर ठीक से काम करें

दुनिया के तमाम संस्थानों में बैठकें होती हैं, लेकिन यह किसी से छुपा नहीं है कि बैठकों में बहुत समय नष्ट होता है। इससे लोग फ्रस्ट्रेट होते हैं। ऊब जाते हैं। एक जैसे विषयों पर बार-बार चर्चाएं होती रहती हैं, जो किसी नतीजे पर नहीं पहुंचतीं। यह समय के साथ ऊर्जा की भी बर्बादी है। […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  स्मॉल टॉक, बड़े परिणाम देती है
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एन. रघुरामन का कॉलम: स्मॉल टॉक, बड़े परिणाम देती है

अजनबियों से बातचीत कभी हमारे रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा होती थी, लेकिन टेक्नोलॉजी ने इसे खत्म कर दिया है। अच्छा लगे या नहीं, लेकिन सच यही है। किसी भी सार्वजनिक जगह पर जाइए, हम एक-दूसरे का अभिवादन करने के बजाय आपस में भिड़ते रहते हैं और फिर झगड़े के डर से तुरंत ‘सॉरी’ कह […]