गुरु की शिष्य को सीख:  अकेलापन मानसिक और भावनात्मक रूप से नुकसान पहुंचा सकता है; परिवार और मित्रों का न छोड़ें
जीवन शैली/फैशन लाइफस्टाइल

गुरु की शिष्य को सीख: अकेलापन मानसिक और भावनात्मक रूप से नुकसान पहुंचा सकता है; परिवार और मित्रों का न छोड़ें

एक लोक कथा है। पुराने समय में एक गुरुकुल में कई शिष्य एक साथ रहकर शिक्षा प्राप्त कर रहे थे। वह आश्रम बहुत बड़ा था और वहां शिष्यों को अनुशासन के साथ-साथ आपसी सहयोग की भावना भी सिखाई जाती थी। सभी शिष्यों के रहने के लिए अलग-अलग छोटी-छोटी कुटिया थीं, दिनभर वे एक साथ अध्ययन, […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  हमारे आसपास कुछ नि:स्वार्थ व समझदार लोगों का क्यों होना जरूरी है
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एन. रघुरामन का कॉलम: हमारे आसपास कुछ नि:स्वार्थ व समझदार लोगों का क्यों होना जरूरी है

Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column: Why It Is Essential To Have Selfless And Sensible People Around Us 4 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन मैनेजमेंट गुरु लीवेई ने अपने बच्चों के लिए सब कुछ दे दिया। उन्होंने दिन-रात मेहनत की ताकि बच्चों को किसी चीज की कमी न रहे। उन्होंने अपना आराम छोड़ा, ताकि […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  दिल छूने वाली कहानियां नहीं सुनाई जातीं तो दिल तोड़ने वाली घटनाएं होती हैं
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एन. रघुरामन का कॉलम: दिल छूने वाली कहानियां नहीं सुनाई जातीं तो दिल तोड़ने वाली घटनाएं होती हैं

Hindi News Opinion Dil Chune Wali Kahaniyan: N. Raghuraman Column | Heartwarming Stories 7 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु स्कूली दिनों में मैं न सिर्फ दयालु शिक्षकों के मार्गदर्शन में बड़ा हुआ, बल्कि बड़े होने पर भी मैंने उनकी दयालुता की कहानियां सुनी हैं। ‘द लेटर्स इन द ड्रॉअर’ ऐसी ही कहानी […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  आपस में सुनने की आदत एक ब्रेकडाउन को ब्रेकथ्रू बनाती है
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एन. रघुरामन का कॉलम: आपस में सुनने की आदत एक ब्रेकडाउन को ब्रेकथ्रू बनाती है

Hindi News Opinion N Raghuraman Column: Listening Skill Turns Breakdown Into Breakthrough 7 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु कई दशक पहले की बात है, मेरे कजिन की शादी थी। हमारी पीढ़ी में यह पहली शादी थी। हम सब कजिन इतने उत्साहित थे कि मद्रास (अब चेन्नई) में इकट्ठा हुए और तैयारियों में […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  दु:ख की समझ का नाम ही दु:ख का मिटना है
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: दु:ख की समझ का नाम ही दु:ख का मिटना है

Hindi News Opinion Pandit Vijayshankar Mehta Column: Understanding Sorrow Is Ending Sorrow 4 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता दुनिया में हमारा इरादा कई चीजें कमाने का होता है। धन, पद, प्रतिष्ठा, सुख, परिवार- ये सब कमाई के हिस्से हैं। लेकिन दो और चीजें भी हमारी कमाई बन जाती हैं- सुख और दु:ख। सुख […]