भावनाएं संक्रामक होती हैं। यदि आप ऐसे लोगों के साथ काम करते हैं जो खुश और आशावादी हैं, तो आपकी भी वैसा महसूस करने की संभावना बढ़ जाती है। लेकिन इसका उल्टा भी उतना ही सच है; यदि आपके सहकर्मी लगातार तनाव में रहते हैं, तो उसका असर आप पर भी पड़ सकता है। ऐसे […]
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मेंटल हेल्थ- शादी के बाद नौकरी छोड़ दी: अब सिर्फ एक पत्नी और मां हूं, सबको खुश करने की कोशिश में अपनी खुशी भूल गई, क्या करूं
सवाल– मैं 34 साल की महिला हूं। शादी के बाद मैंने अपनी नौकरी छोड़ दी थी क्योंकि परिवार की जिम्मेदारियां बढ़ गई थीं। पिछले कुछ सालों में मेरी पूरी पहचान एक पत्नी, बहू और मां तक सीमित हो गई है। हाल ही में जब बच्चों ने स्कूल जाना शुरू किया तो मुझे एहसास हुआ कि […]
चंद्रदेव और प्रजापति दक्ष की कथा की सीख: परिवार में किसी एक को महत्व देना और दूसरों की अनदेखी करने से असंतोष पैदा होता है, सभी को समान सम्मान दें
चंद्रदेव और प्रजापति दक्ष से जुड़ी पौराणिक कथा है। कथा के मुताबिक, प्रजापति दक्ष की 27 कन्याएं थीं। उन्होंने अपनी इन 27 पुत्रियों का विवाह चंद्रदेव से किया था। स्वाभाविक रूप से अपेक्षा थी कि चंद्र अपनी सभी पत्नियों के साथ समान व्यवहार करेंगे और सभी को बराबर सम्मान, प्रेम देंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। […]
सेल्फ हेल्प किताबों से: अपने डर, चिंता व दुख से भागिए मत
किताबों से जानिए, अपने सोचने और प्रतिक्रिया देने के तरीके को बदलना क्यों जरूरी है? खुशी का अर्थ समझें, दुख को स्वीकार करें हम में से कई लोग यह मानते हैं कि खुश रहने का मतलब है जीवन में कभी चिंता, डर या दुख न आए। लेकिन ऐसा संभव नहीं है। हर व्यक्ति को समय-समय […]
गुरु की शिष्य को सीख: अकेलापन मानसिक और भावनात्मक रूप से नुकसान पहुंचा सकता है; परिवार और मित्रों का न छोड़ें
एक लोक कथा है। पुराने समय में एक गुरुकुल में कई शिष्य एक साथ रहकर शिक्षा प्राप्त कर रहे थे। वह आश्रम बहुत बड़ा था और वहां शिष्यों को अनुशासन के साथ-साथ आपसी सहयोग की भावना भी सिखाई जाती थी। सभी शिष्यों के रहने के लिए अलग-अलग छोटी-छोटी कुटिया थीं, दिनभर वे एक साथ अध्ययन, […]
एन. रघुरामन का कॉलम: हमारे आसपास कुछ नि:स्वार्थ व समझदार लोगों का क्यों होना जरूरी है
Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column: Why It Is Essential To Have Selfless And Sensible People Around Us 4 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन मैनेजमेंट गुरु लीवेई ने अपने बच्चों के लिए सब कुछ दे दिया। उन्होंने दिन-रात मेहनत की ताकि बच्चों को किसी चीज की कमी न रहे। उन्होंने अपना आराम छोड़ा, ताकि […]
एन. रघुरामन का कॉलम: दिल छूने वाली कहानियां नहीं सुनाई जातीं तो दिल तोड़ने वाली घटनाएं होती हैं
Hindi News Opinion Dil Chune Wali Kahaniyan: N. Raghuraman Column | Heartwarming Stories 7 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु स्कूली दिनों में मैं न सिर्फ दयालु शिक्षकों के मार्गदर्शन में बड़ा हुआ, बल्कि बड़े होने पर भी मैंने उनकी दयालुता की कहानियां सुनी हैं। ‘द लेटर्स इन द ड्रॉअर’ ऐसी ही कहानी […]
एन. रघुरामन का कॉलम: आपस में सुनने की आदत एक ब्रेकडाउन को ब्रेकथ्रू बनाती है
Hindi News Opinion N Raghuraman Column: Listening Skill Turns Breakdown Into Breakthrough 7 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु कई दशक पहले की बात है, मेरे कजिन की शादी थी। हमारी पीढ़ी में यह पहली शादी थी। हम सब कजिन इतने उत्साहित थे कि मद्रास (अब चेन्नई) में इकट्ठा हुए और तैयारियों में […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: दु:ख की समझ का नाम ही दु:ख का मिटना है
Hindi News Opinion Pandit Vijayshankar Mehta Column: Understanding Sorrow Is Ending Sorrow 4 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता दुनिया में हमारा इरादा कई चीजें कमाने का होता है। धन, पद, प्रतिष्ठा, सुख, परिवार- ये सब कमाई के हिस्से हैं। लेकिन दो और चीजें भी हमारी कमाई बन जाती हैं- सुख और दु:ख। सुख […]













