टिपण्णी

सैयद अता हसनैन का कॉलम: हम ‘एनर्जी-डिप्लोमेसी’ के एक नए दौर में हैं

एनर्जी का वैश्विक भूगोल बदल रहा है और उसके साथ ही औद्योगिक क्षमता तथा राष्ट्रीय शक्ति के बीच गहराते संबंध भी। दशकों तक हमने एनर्जी की राजनीति में खुद को कमजोर उपभोक्ता के रूप में देखा था। हमारी बढ़ती अर्थव्यवस्था को आयातित कच्चे तेल की जरूरत थी, लेकिन पश्चिम एशिया में होने वाले संघर्ष तेल […]

रूस बोला- हमारे कच्चे तेल का कोई विकल्प नहीं:  भारत को 5% डिस्काउंट में दे रहे, अमेरिका के दबाब को गलत बताया
ऑटो-ट्रांसपोर्ट

रूस बोला- हमारे कच्चे तेल का कोई विकल्प नहीं: भारत को 5% डिस्काउंट में दे रहे, अमेरिका के दबाब को गलत बताया

नई दिल्ली4 मिनट पहले कॉपी लिंक रूस ने कहा हमें विश्वास है कि बाहरी दबाव के बावजूद भारत-रूस ऊर्जा सहयोग जारी रहेगा। रशियन ऑयल खरीदने के चलते भारत पर बनाए जा रहे अमेरिकी दबाव को रूस ने गलत बताया है। सीनियर रूसी डिप्लोमेट रोमन बाबुश्किन ने कहा- भारत इस बात को समझता है कि तेल […]