Editorial: Kedarnath like scene repeated again in Uttarakhand, Uttarkashi is suffering the punishment of turning mountain into plain – संपादकीय: उत्तराखंड में फिर दोहराया केदारनाथ जैसा मंजर, पहाड़ को मैदान बनाने की सजा भुगत रहा उत्तरकाशी
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Editorial: Kedarnath like scene repeated again in Uttarakhand, Uttarkashi is suffering the punishment of turning mountain into plain – संपादकीय: उत्तराखंड में फिर दोहराया केदारनाथ जैसा मंजर, पहाड़ को मैदान बनाने की सजा भुगत रहा उत्तरकाशी

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दुनिया मेरे आगे: जब बुद्धिमत्ता प्रकृति से टकराए, विकास की दौड़ में विनाश की आहट
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दुनिया मेरे आगे: जब बुद्धिमत्ता प्रकृति से टकराए, विकास की दौड़ में विनाश की आहट

मनुष्य की बुद्धिमत्ता उसकी कल्पना से कहीं अधिक समृद्ध और गतिशील है, जितना कि हमें औपचारिक शैक्षणिक शिक्षा द्वारा विश्वास दिलाया गया है।’ प्रसिद्ध शिक्षाविद् सर केन राबिंसन के ये विचार हमें मनुष्य और उसकी बुद्धिमत्ता का बोध कराते हैं। मनुष्य को सभी जीवों में क्यों उच्चतम जीव माना गया है? यहां तक कि उसका […]