हरिद्वार8 मिनट पहले कॉपी लिंक सत्य निष्ठ रहें। सत्य सागर जैसा गहरा है, आसमान जितना ऊंचा है। सूर्य जैसा उसमें प्रकाश है और चंद्र जैसी शीतलता है। सत्य में सूर्य और चंद्र जैसा प्रकाश है, धरती जैसा धैर्य है, अंतरिक्ष जैसी सामर्थ्य है। सत्य ईश्वर का स्वाभाविक और साकार रूप है। भगवान सत्य में विराजते […]





