रश्मि बंसल का कॉलम:  हम खाने को महज खाना नहीं समझते, जज्बात से जोड़ते हैं
टिपण्णी

रश्मि बंसल का कॉलम: हम खाने को महज खाना नहीं समझते, जज्बात से जोड़ते हैं

ऐश्वर्या राय को कान फिल्म समारोह के रेड कार्पेट पर देख कर मुझे सुकून मिला। क्योंकि मेरी तरह, वो भी ‘हेल्दी’ हो गई हैं। भाई, बावन की उमर में आप पच्चीस के नहीं लग सकते हो, यह एक सच्चाई है। लेकिन बॉलीवुड इसे मानने को तैयार ही नहीं। रियलिटी शो जज करते हैं, मगर रियलिटी […]

डॉ. चन्द्रकान्त लहारिया का कॉलम:  हमारा शरीर बार-बार कुछ न कुछ खाते रहने के लिए नहीं बना है
टिपण्णी

डॉ. चन्द्रकान्त लहारिया का कॉलम: हमारा शरीर बार-बार कुछ न कुछ खाते रहने के लिए नहीं बना है

पिछले महीने मेरी मुलाकात मुम्बई के एक सर्जन मित्र से हुई। वे अपने क्षेत्र में जाने-माने हैं और लो-प्रोफाइल रहते हैं। पिछले दो वर्षों में उन्होंने लगभग दस किलो वजन कम किया। उनका वजन पहले भी बहुत अधिक नहीं था, लेकिन अब 5 फीट 9 इंच की लंबाई पर उनका वजन करीब 60 किलो है। […]