डॉ. चन्द्रकान्त लहारिया का कॉलम:  शोर का प्रदूषण एक ‘साइलेंट’ संकट, यह लगातार प्रभावित कर रहा है
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डॉ. चन्द्रकान्त लहारिया का कॉलम: शोर का प्रदूषण एक ‘साइलेंट’ संकट, यह लगातार प्रभावित कर रहा है

Hindi News Opinion Dr. Chandrakant Lahariya’s Column: Noise Pollution—A “Silent” Crisis That Is Constantly Taking Its Toll 12 घंटे पहले कॉपी लिंक डॉ. चन्द्रकान्त लहारिया, जाने माने चिकित्सक साल 2012 में मुझे फ्रांस के प्रतिष्ठित पास्चर इंस्टीट्यूट में वैक्सीनोलॉजी का अध्ययन करने का अवसर मिला। वहां के कोर्स डायरेक्टर्स से मेरे अच्छे संबंध बन गए […]

डॉ. चन्द्रकान्त लहारिया का कॉलम:  क्या हमारी रसोई को बिजली से चलाने का समय अब आ गया है?
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डॉ. चन्द्रकान्त लहारिया का कॉलम: क्या हमारी रसोई को बिजली से चलाने का समय अब आ गया है?

भारत में रसोई को अकसर घर का दिल कहा जाता है। लेकिन इसके पीछे एक असहज सच भी छिपा है- हमारी रसोई अमूमन घर के सबसे प्रदूषित स्थानों में से एक होती है। आज जब पश्चिम एशिया के संघर्षों और तेल-गैस की अनिश्चित आपूर्ति के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार अस्थिर है, तब भारत को पुनर्विचार […]

Editorial: Clean air for only 259 hours, the rest of the time there is poison in the breath, Delhi is suffocating due to the sluggishness of the system and the insensitivity of the government – संपादकीय: सिर्फ 259 घंटे की साफ हवा, बाकी वक्त सांसों में घुलता जहर, सिस्टम की सुस्ती और सरकारी संवेदनहीनता से दिल्ली का घुट रहा दम
शिक्षा

Editorial: Clean air for only 259 hours, the rest of the time there is poison in the breath, Delhi is suffocating due to the sluggishness of the system and the insensitivity of the government – संपादकीय: सिर्फ 259 घंटे की साफ हवा, बाकी वक्त सांसों में घुलता जहर, सिस्टम की सुस्ती और सरकारी संवेदनहीनता से दिल्ली का घुट रहा दम

Editorial: Clean air for only 259 hours, the rest of the time there is poison in the breath, Delhi is suffocating due to the sluggishness of the system and the insensitivity of the government – संपादकीय: सिर्फ 259 घंटे की साफ हवा, बाकी वक्त सांसों में घुलता जहर, सिस्टम की सुस्ती और सरकारी संवेदनहीनता से […]