एन. रघुरामन का कॉलम:  महीने में कम से कम एक बार अपने ‘कैफे ऑफ मिस्टेकन ऑर्डर्स’ में जाइए
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एन. रघुरामन का कॉलम: महीने में कम से कम एक बार अपने ‘कैफे ऑफ मिस्टेकन ऑर्डर्स’ में जाइए

उन्होंने मुझसे पूछा, ‘तुम कॉफी लोगे या चाय?’ मैंने जवाब दिया, ‘मुझे कॉफी ज्यादा पसंद है।’ वह रसोई में गईं और चाय लेकर आ गईं। मैं मुस्कुरा दिया। उन्हें लगा कि कुछ गड़बड़ है तो उन्होंने चिंतित होकर पूछा कि ‘क्या यह अच्छी नहीं है?’ मैंने उन्हें भरोसा दिलाया, ‘बहुत अच्छी है। मुझे चाय पसंद […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  एआई की दुनिया में असलियत में लोगों से मिलना अब भी फायदेमंद है
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एन. रघुरामन का कॉलम: एआई की दुनिया में असलियत में लोगों से मिलना अब भी फायदेमंद है

‘गूगल… एयरपोर्ट पर रो रहे बच्चे को कैसे संभालें?’ यह सवाल उन क्रिकेटप्रेमियों को जाना-पहचाना लगेगा, जिन्होंने हाल ही में आईपीएल मैच देखे थे। इससे शायद आपको ओपनएआई के चैटजीपीटी वाले उस विज्ञापन की याद आए, जिसमें फ्लाइट लेट होने की वजह से दो लोग एयरपोर्ट पर फंसे हैं। समय बिताने को वे वॉइस कमांड […]

रश्मि बंसल का कॉलम:  फोन हमारा साथी और सहारा है, पर इंसान से नहीं प्यारा है
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रश्मि बंसल का कॉलम: फोन हमारा साथी और सहारा है, पर इंसान से नहीं प्यारा है

कुछ दिन पहले एक हादसा हो गया! मेरा सहारा, मेरी आंखों का तारा, मेरा फोन स्वर्ग सिधार गया! कई दिनों से मिन्नत कर रहा था, कि बस करो। इतनी फोटो, इतने ऐप मेरा नन्हा-सा शरीर सह नहीं पा रहा। लोड थोड़ा कम कीजिए। खैर, उस दिन थोड़ा-सा पानी ढुल गया और फोन महाशय उसी चुल्लू […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  दिल छूने वाली कहानियां नहीं सुनाई जातीं तो दिल तोड़ने वाली घटनाएं होती हैं
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एन. रघुरामन का कॉलम: दिल छूने वाली कहानियां नहीं सुनाई जातीं तो दिल तोड़ने वाली घटनाएं होती हैं

Hindi News Opinion Dil Chune Wali Kahaniyan: N. Raghuraman Column | Heartwarming Stories 7 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु स्कूली दिनों में मैं न सिर्फ दयालु शिक्षकों के मार्गदर्शन में बड़ा हुआ, बल्कि बड़े होने पर भी मैंने उनकी दयालुता की कहानियां सुनी हैं। ‘द लेटर्स इन द ड्रॉअर’ ऐसी ही कहानी […]

Dunia Mere Aage: Don’t stop tears, these are the pure waters of the heart and the unspoken language of love and pain – मत रोकिए आंसू, हृदय का पवित्र जल तथा प्रेम और पीड़ा की अनकही भाषा है ये; समझना होगा इसका मोल
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Dunia Mere Aage: Don’t stop tears, these are the pure waters of the heart and the unspoken language of love and pain – मत रोकिए आंसू, हृदय का पवित्र जल तथा प्रेम और पीड़ा की अनकही भाषा है ये; समझना होगा इसका मोल

Dunia Mere Aage: Don’t stop tears, these are the pure waters of the heart and the unspoken language of love and pain – मत रोकिए आंसू, हृदय का पवित्र जल तथा प्रेम और पीड़ा की अनकही भाषा है ये; समझना होगा इसका मोल | Jansatta Source link