सुप्रीम कोर्ट का सवाल- NOTA से क्या फायदा है:  क्या नेताओं की क्वालिटी सुधरी, एक ही उम्मीदवार होने पर यह जरूरी क्यों?
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सुप्रीम कोर्ट का सवाल- NOTA से क्या फायदा है: क्या नेताओं की क्वालिटी सुधरी, एक ही उम्मीदवार होने पर यह जरूरी क्यों?

नई दिल्ली4 घंटे पहले कॉपी लिंक सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को NOTA (इनमें से कोई नहीं) विकल्प की उपयोगिता और असर पर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने मंगलवार को सरकार से पूछा कि इसका क्या फायदा है, क्या NOTA के आने से चुने गए नेताओं की क्वालिटी में सुधार हुआ है? कोर्ट ने कहा कि […]

राहुल बोले- लालच की महामारी पूरे भारत में फैल गई:  जनता को सत्ता से जवाबदेही मांगनी होगी, सिस्टम सत्ता में बैठे लोगों के हाथ बिक चुका
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राहुल बोले- लालच की महामारी पूरे भारत में फैल गई: जनता को सत्ता से जवाबदेही मांगनी होगी, सिस्टम सत्ता में बैठे लोगों के हाथ बिक चुका

नई दिल्ली6 घंटे पहले कॉपी लिंक राहुल गांधी ने बुधवार को कहा कि देश भर में लालच की महामारी फैल चुकी है। इसका सबसे भयावह चेहरा शहरी बदहाली के रूप में सामने आ रहा है। लोगों को सरकार से जवाबदेही की मांग करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता और बड़े कॉरपोरेट घरानों के बीच […]

इंदिरा के बेटे संजय गांधी ने जबरन नसबंदी अभियान चलाया, शशि थरूर ने इमरजेंसी को लेकर कांग्रेस पर साधा निशाना
शिक्षा

इंदिरा के बेटे संजय गांधी ने जबरन नसबंदी अभियान चलाया, शशि थरूर ने इमरजेंसी को लेकर कांग्रेस पर साधा निशाना

इंदिरा के बेटे संजय गांधी ने जबरन नसबंदी अभियान चलाया, शशि थरूर ने इमरजेंसी को लेकर कांग्रेस पर साधा निशाना | Jansatta Source link

Mukesh Bhardwaj’s column Bebaak Bol: Don’t look back… – मुकेश भारद्वाज का कॉलम बेबाक बोल: मुड़ मुड़ के न देख…
ब्रेकिंग न्यूज़

Mukesh Bhardwaj’s column Bebaak Bol: Don’t look back… – मुकेश भारद्वाज का कॉलम बेबाक बोल: मुड़ मुड़ के न देख…

जब शुभांशु शुक्ला अपने सहयोगियों के साथ अंतरिक्ष में धरतीवासी की पहचान के साथ हैं तब हमारे देश में नागरिकों की जाति गणना कर उन्हें जातिगत पहचान देने की तैयारी की जा रही है। सत्ताधारी गठबंधन चुनाव में जीत के लिए अपनी कई विचारधारा से पीछे हट चुका है, जिनमें जाति जनगणना का एलान प्रमुख […]

Jansatta Sarokar: India’s way of thinking changed with Modi, now the country is deciding its own identity – जनसत्ता सरोकार: मोदी के साथ बदला भारत का सोचने का तरीका, अब देश खुद तय कर रहा है अपनी पहचान
टेक्नोलॉजी

Jansatta Sarokar: India’s way of thinking changed with Modi, now the country is deciding its own identity – जनसत्ता सरोकार: मोदी के साथ बदला भारत का सोचने का तरीका, अब देश खुद तय कर रहा है अपनी पहचान

Jansatta Sarokar: India’s way of thinking changed with Modi, now the country is deciding its own identity – जनसत्ता सरोकार: मोदी के साथ बदला भारत का सोचने का तरीका, अब देश खुद तय कर रहा है अपनी पहचान | Jansatta Source link

मुकेश भारद्वाज का कॉलम बेबाक बोल: बंटेंगे तो बचेंगे?
स्वास्थ्य

मुकेश भारद्वाज का कॉलम बेबाक बोल: बंटेंगे तो बचेंगे?

लोकतांत्रिक परंपरा में राजनीतिक दलों का अपना मह्त्त्व है। दो या दो से अधिक राजनीतिक दलों का अस्तित्व बताता है कि समाज और राजनीति में कई तरह की विचारधाराओं का प्रतिनिधित्व है। भारतीय लोकतंत्र उस अविश्वसनीय दौर से गुजर रहा है जब सत्ता पक्ष ही विपक्ष के उठाए सभी मुद्दों को लागू कर देता है। […]