पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  परिवार बचें और मांओं- बहनों की प्रसन्नता भी बनी रहे
टिपण्णी

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: परिवार बचें और मांओं- बहनों की प्रसन्नता भी बनी रहे

बहुत से लोग हैं, जिन्हें बाहर की दुनिया में दूसरे लोगों द्वारा खूब मान दिया जाता है। और ऐसे प्रभावशाली लोग जब घर आते हैं, तो कभी-कभी घर में उन्हें बहुत अपमान मिलता है। ऐसा क्यों हो जाता है? दरअसल परमात्मा चाहता है कि बाहर मिला हुआ मान अभिमान में न बदल जाए, इसलिए घर-परिवार […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  परिवार बचें और मांओं- बहनों की प्रसन्नता भी बनी रहे
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: परिवार बचें और मांओं- बहनों की प्रसन्नता भी बनी रहे

बहुत से लोग हैं, जिन्हें बाहर की दुनिया में दूसरे लोगों द्वारा खूब मान दिया जाता है। और ऐसे प्रभावशाली लोग जब घर आते हैं, तो कभी-कभी घर में उन्हें बहुत अपमान मिलता है। ऐसा क्यों हो जाता है? दरअसल परमात्मा चाहता है कि बाहर मिला हुआ मान अभिमान में न बदल जाए, इसलिए घर-परिवार […]