आशुतोष वार्ष्णेय का कॉलम:  हम केवल ‘आत्मनिर्भरता’ पर ही भरोसा नहीं कर सकते
टिपण्णी

आशुतोष वार्ष्णेय का कॉलम: हम केवल ‘आत्मनिर्भरता’ पर ही भरोसा नहीं कर सकते

भारत को बदलती हुई विश्व-व्यवस्था का जवाब कैसे देना चाहिए? इसके लिए सबसे पहले एक बड़े सवाल का जवाब देना जरूरी है। यह कि आज दुनिया में भू-राजनीति और अर्थव्यवस्था का क्या रिश्ता है? वैश्वीकरण के हालिया दौर में- जिसकी शुरुआत 1980 के दशक में हुई और 1991 में सोवियत संघ के टूटने के बाद […]