पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  अपने भीतर ही एक नायक को रचने की तैयारी करें
टिपण्णी

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: अपने भीतर ही एक नायक को रचने की तैयारी करें

पहले इंसान बनाने का काम माता-पिता, गुरुजन और समाज द्वारा किया जाता था। यह अभी भी चल रहा है, लेकिन सावधानी नहीं रखी तो इंसान बनाने का काम मशीन हाथ में ले लेगी। इसलिए टेक कंपनियों के कार्यों पर आध्यात्मिक फिल्टर लगाने का समय आ गया है। हमारी संस्कृति में परमात्मा ने एक अनूठा प्रयोग […]