‘रामहि देखि बरात जुड़ानी, प्रीति कि रीति न जाति बखानी…’ गोस्वामी तुलसीदास की पावन चौपाइयों का हर एक शब्द मंगलवार को उस वक्त ताजनगरी के हृदयस्थल में साकार हो उठा, जब रावतपाड़ा स्थित लाला चन्नोमल की प्राचीन बारहदरी से मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की भव्य वरयात्रा जनकपुरी के लिए रवाना हुई। शंखनाद, डमरुओं की गूंज और […]




