भास्कर सीरीज; 7 दिन… 7 रामायण, अपनी-अपनी रामकथा : भाग-5 में पढ़िए- कृत्तिवास रामायण। इसकी रचना बंगाल के प्रसिद्ध कवि कृत्तिवास ओझा ने 15वीं सदी में की थी। यह बांग्ला भाषा में रचित स्वतंत्र काव्य-कृति है, जिसने बंगाल के जन-जीवन व संस्कृति पर गहरा प्रभाव डाला। प्रसंग-1: श्रीराम ने की दुर्गा स्तुति रावण का वध […]




