एन. रघुरामन का कॉलम:  कमाई के आधुनिक तरीके पुराने और छोटे कारोबार में जान नहीं फूंक सकते
टिपण्णी

एन. रघुरामन का कॉलम: कमाई के आधुनिक तरीके पुराने और छोटे कारोबार में जान नहीं फूंक सकते

हाल ही पुणे यात्रा के दौरान मैंने खुद को ऐसे शहर में पाया, जिसकी शहरी संरचना बिल्कुल बदल चुकी थी। मैं कई किलोमीटर फैल चुके विशाल मेट्रो पिलर्स के नीचे से गुजरा तो उनकी परछाइयां नीचे रेंग रही कारों पर पड़ रही थीं। दमघोंटू ट्रैफिक के बीच मैंने अपने दोस्त से पूछा, ‘यहां पहले जो […]