कुछ अभियानों की कोई फिनिशिंग लाइन नहीं होती। आपको दौड़ना भी पड़ेगा, वक्त आने पर छलांग भी लगानी पड़ेगी। अब आज छोटे-मोटे काम, सामान्य सफलताएं बहुत अर्थ नहीं रखतीं। नई पीढ़ी कुछ अनूठा करने में माहिर है। उनकी तैयारी में उत्साह और सक्रियता तो है, पर संकल्प-शक्ति की कमी है। और इसके बिना वे आधे […]




