पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  ‘मनचाहा’ और ‘अनचाहा’ के बीच झूलता रहता है जीवन
टिपण्णी

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: ‘मनचाहा’ और ‘अनचाहा’ के बीच झूलता रहता है जीवन

धन मेहनत से आता है, लेकिन समृद्धि अपने साथ दूसरों को धनवान बनाने से भी आती है। जब हम विकास यात्रा में हों तो किसी को पीछे भले छोड़ दें, उसको बर्बाद ना करें। अपने प्रयासों से आगे बढ़ जाएं। जो पीछे रह गया, यदि वो नादान है तो खुद बर्बाद हो जाएगा, लेकिन हमारी […]

Dunia Mere Aage I Am Alone, Yet Enough: Change Your Thinking, Transform Your Life – दुनिया मेरे आगे: अकेला हूं… पर काफी हूं, सोच बदलो, जीवन संवर जाएगा
जीवन शैली/फैशन लाइफस्टाइल

Dunia Mere Aage I Am Alone, Yet Enough: Change Your Thinking, Transform Your Life – दुनिया मेरे आगे: अकेला हूं… पर काफी हूं, सोच बदलो, जीवन संवर जाएगा

Dunia Mere Aage I Am Alone, Yet Enough: Change Your Thinking, Transform Your Life – दुनिया मेरे आगे: अकेला हूं… पर काफी हूं, सोच बदलो, जीवन संवर जाएगा | Jansatta Source link