वह किसी तालाब के किनारे बैठी अपने ख्यालों में डूबी थी। अचानक पानी में चार घुड़सवारों की परछाइयां दिखाई देती हैं। वह तत्काल मुड़कर उठती है और चिल्लाती है- ‘चल धन्नो!’ और घोड़ी भी तुरंत मुड़कर उसकी ओर देखती है, मानो वह अपनी मालकिन पर मंडरा रहे खतरे को समझ गई हो। उसके तांगे पर […]





