टिपण्णी

प्रियदर्शन का कॉलम: आने वाले समय की सियासत में महिलाओं का दखल बढ़ेगा

गत 15 अगस्त को लाल किले से प्रधानमंत्री ने विधायिका में 33 फीसदी महिला आरक्षण के वादे की याद दिलाई। बीते हफ्ते पुणे में राहुल गांधी ने भी हजारों छात्राओं से संवाद किया। इसके पहले जंतर-मंतर पर जो आंदोलन चला, उसमें लड़कियां अग्रिम पंक्ति में नजर आई थीं। कुछ पीछे मुड़कर देखें तो किसान आंदोलन […]

टिपण्णी

प्रियदर्शन का कॉलम: चुनाव लड़ना ज्यादा जरूरी है या देश में कोई बदलाव लाना?

Hindi News Opinion Priyadarshan Column | CJP Political Party Debate & India Election Analysis 9 घंटे पहले कॉपी लिंक प्रियदर्शन लेखक और पत्रकार क्या सीजेपी को अब एक राजनीतिक दल बन जाना चाहिए? इसके पक्ष में कई तर्क दिए जा रहे हैं। उसके साथ युवाओं का व्यापक समर्थन और लगाव दिख रहा है। वह प्रतिरोध […]

प्रियदर्शन का कॉलम:  नई पीढ़ी वॉट्सएप के दौर से इंस्टाग्राम के दौर में आ चुकी है
टिपण्णी

प्रियदर्शन का कॉलम: नई पीढ़ी वॉट्सएप के दौर से इंस्टाग्राम के दौर में आ चुकी है

दिल्ली के जंतर-मंतर पर जेन-जी कहलाने वाले युवाओं के आंदोलन के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तो हुआ ही, प्रधानमंत्री को यह भी समझ में आया कि इस पीढ़ी से जुड़ना है तो इंस्टाग्राम पर आना होगा। उन्होंने लगातार तीन दिन इंस्टाग्राम पर वीडियो जारी किए और अपने मंत्रियों को भी कहा कि […]

प्रियदर्शन का कॉलम:  सबसे बड़ी समस्या यह कि हमें अब कुछ भी बेचैन नहीं करता
टिपण्णी

प्रियदर्शन का कॉलम: सबसे बड़ी समस्या यह कि हमें अब कुछ भी बेचैन नहीं करता

राम मंदिर में चढ़ावा-चोरी को लेकर चल रहा विवाद भावुकता से राजनीति तक की परिधि में पसरा हुआ है- किसी को भावनाएं आहत होने की फिक्र है तो किसी के सामने सवाल है कि इसका यूपी चुनावों पर क्या असर पड़ेगा। लेकिन जो एक बुनियादी चिंता इस पूरे मसले से सामने आनी चाहिए, वह सिरे […]

प्रियदर्शन का कॉलम:  देश, समाज, जीवन की फिक्र भी पढ़ाई का जरूरी हिस्सा है
टिपण्णी

प्रियदर्शन का कॉलम: देश, समाज, जीवन की फिक्र भी पढ़ाई का जरूरी हिस्सा है

Hindi News Opinion Priyadarshan Column: Education Quality & Foreign Universities In India 9 घंटे पहले कॉपी लिंक प्रियदर्शन लेखक और पत्रकार देश में जल्द ही विदेशी विश्वविद्यालयों के परिसर खुलने वाले हैं- यह बात उन छात्रों को सुकून देने वाली है, जो अंतरराष्ट्रीय तौर पर प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में पढना तो चाहते हैं लेकिन जिनके पास […]

प्रियदर्शन का कॉलम:  फूहड़ता पर हंसने वाला समाज हमने आखिर कैसे रच डाला है?
टिपण्णी

प्रियदर्शन का कॉलम: फूहड़ता पर हंसने वाला समाज हमने आखिर कैसे रच डाला है?

Hindi News Opinion Priyadarshan Column: How We Created A Society Laughing At Vulgarity | 2026 6 घंटे पहले कॉपी लिंक प्रियदर्शन लेखक और पत्रकार स्टैंडअप कॉमेडियन प्रणीत मोरे के कार्यक्रम में हिमांशु जांगड़ा और सेजल पवार की स्तब्ध कर देने वाली टिप्पणियों का मामला हो या कुछ समय पहले समय रैना के शो में रणवीर […]

प्रियदर्शन का कॉलम:  हमारी शिक्षा की व्यवस्था में इतनी ‘परीक्षाएं’ क्यों हैं?
टिपण्णी

प्रियदर्शन का कॉलम: हमारी शिक्षा की व्यवस्था में इतनी ‘परीक्षाएं’ क्यों हैं?

पहले नीट की परीक्षा रद्द हुई, फिर सीबीएसई के नतीजों और पुनर्मूल्यांकन की दिक्कतों ने छात्रों को रुला दिया। सुप्रीम कोर्ट ने नीट के मामले में एनटीए को सख्त फटकार लगाई है। लेकिन हमारी पूरी शिक्षा व्यवस्था में जो बुनियादी खोट है, क्या उसकी ओर किसी का ध्यान है? कम से कम तीन प्रवृत्तियां ऐसी […]

प्रियदर्शन का कॉलम:  अपनी पहचान को भूगोल तक ही सीमित रखना उचित नहीं
टिपण्णी

प्रियदर्शन का कॉलम: अपनी पहचान को भूगोल तक ही सीमित रखना उचित नहीं

पंजाबी संगीत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिन लोगों ने प्रतिष्ठा दिलाई है, उनमें दिलजीत सिंह दोसांझ भी हैं। गायन के अलावा अभिनय में भी उन्होंने अपनी छाप छोड़ी है। वे कई सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखते रहे हैं। 2020 में तीन कृषि कानूनों के ​खिलाफ चले किसान आंदोलन का उन्होंने समर्थन किया था। […]

प्रियदर्शन का कॉलम:  विकास को बराबरी से बांटने की जिम्मेदारी बहुत बड़ी है
टिपण्णी

प्रियदर्शन का कॉलम: विकास को बराबरी से बांटने की जिम्मेदारी बहुत बड़ी है

Hindi News Opinion Priyadarshan’s Column: The Responsibility Of Distributing Development Equitably Is Immense 3 घंटे पहले कॉपी लिंक प्रियदर्शन लेखक और पत्रकार अप्रैल में देश के जीएसटी संग्रह ने रिकॉर्ड तोड़ दिया। 2.43 लाख करोड़ का कर-संग्रह हुआ, जो कि बीते वर्ष इसी महीने तक हुए कर-संग्रह से 8.7% ऊपर है। उद्योग-धंधों के मोर्चे पर […]

प्रियदर्शन का कॉलम:  सच्चाई यही है कि लोकसभा सीटों का परिसीमन जरूरी है
टिपण्णी

प्रियदर्शन का कॉलम: सच्चाई यही है कि लोकसभा सीटों का परिसीमन जरूरी है

Hindi News Opinion Priyadarshan’s Column: The Truth Is That Delimitation Of Lok Sabha Seats Is Essential 7 घंटे पहले कॉपी लिंक प्रियदर्शन लेखक और पत्रकार संविधान संशोधन बिल गिर चुका है। विपक्ष का कहना था कि सरकार महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन को साधने में लगी है। लेकिन परिसीमन को लेकर जो भी विवाद […]

प्रियदर्शन का कॉलम:  ईरान ने अपनी अस्मिता की लड़ाई लड़ी और फिलहाल जीती है
टिपण्णी

प्रियदर्शन का कॉलम: ईरान ने अपनी अस्मिता की लड़ाई लड़ी और फिलहाल जीती है

Hindi News Opinion Priyadarshan Column: Iran Wins Its Fight For Identity | Trumps Setback 2 घंटे पहले कॉपी लिंक प्रियदर्शन लेखक और पत्रकार एक रात में पूरी ईरानी सभ्यता नष्ट करने की चेतावनी देने वाले डोनाल्ड ट्रम्प को फिलहाल पांव पीछे खींचने पड़े हैं। हालांकि वह युद्धोन्मादी और अमानवीय किस्म की घोषणा ही बता रही […]

प्रियदर्शन का कॉलम:  चुप्पी में भी धीरे-धीरे कोई प्रतिरोध शामिल होना चाहिए
टिपण्णी

प्रियदर्शन का कॉलम: चुप्पी में भी धीरे-धीरे कोई प्रतिरोध शामिल होना चाहिए

नेटफ्लिक्स पर इन दिनों चल रही वेब सीरीज “द नाइट एजेंट’ के तीसरे सीजन में सीधे अमेरिकी राष्ट्रपति और उनकी पत्नी संदेह और आरोपों से घिरे हैं। पता चलता है कि उन्होंने अपने चुनाव प्रचार के लिए ऐसे संदिग्ध लोगों से पैसे लिए हैं, जिनका वास्ता आतंकी धमाकों से भी है। अमेरिका के मनोरंजन उद्योग […]

प्रियदर्शन का कॉलम:  इंटरनेट ने हमारी स्मृति छीनी थी, एआई कल्पनाशीलता न छीन ले
टिपण्णी

प्रियदर्शन का कॉलम: इंटरनेट ने हमारी स्मृति छीनी थी, एआई कल्पनाशीलता न छीन ले

Hindi News Opinion Priyadarshan Column: AI Steals Memory, Will It Steal Imagination Too? 10 घंटे पहले कॉपी लिंक प्रियदर्शन लेखक और पत्रकार एआई को लेकर हमारा उत्साह कितना वैज्ञानिक है और कितना उपभोक्तावादी? क्या हम एआई से पैदा होने वाली वास्तविक सम्भावनाओं या चुनौतियों के प्रति सचेत हैं? या हम उसे बस इस्तेमाल में आने […]

प्रियदर्शन का कॉलम:  एक युद्ध से निकलकर दूसरे की ओर चली जाती मनुष्यता
टिपण्णी

प्रियदर्शन का कॉलम: एक युद्ध से निकलकर दूसरे की ओर चली जाती मनुष्यता

अपनी कविता ‘युद्ध नायक’ में श्रीकांत वर्मा लिखते हैं- ‘अभी / कल ही की तो बात है / ढाका / एक मांस के लोथड़े की तरह / फेंक दिया गया था / युद्ध कब शुरू हुआ था हिन्द-चीन में? / हृदय में दो करोड़ साठ लाख घाव लिए / वियतनाम / बीसवीं सदी के बीच […]

प्रियदर्शन का कॉलम:  हिंदी और उर्दू सगी बहनें हैं, इन्हें सौतेलेपन से बचाएं
टिपण्णी

प्रियदर्शन का कॉलम: हिंदी और उर्दू सगी बहनें हैं, इन्हें सौतेलेपन से बचाएं

Hindi News Opinion Priyadarshan Column: Hindi & Urdu Are Sisters, Save Them From Step Parenting 6 घंटे पहले कॉपी लिंक प्रियदर्शन लेखक और पत्रकार बीते हफ्ते जयपुर साहित्य समारोह के दौरान जावेद अख्तर ने उर्दू और भाषाओं की राजनीति पर बात करते हुए ठीक ही कहा कि भाषाओं को धार्मिक आधार पर बांटा नहीं जा […]