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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: सृजन के अनूठे रूपों का प्रमाण है रामचरितमानस

Hindi News Opinion Ramcharitmanas Tulsidas Jayanti | Vijayshankar Mehta Column On Literature 4 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता बहुत कम साहित्य ऐसे हैं, जो मनुष्य की रग-रग में बस गए हों, परिवारों की आचार-संहिता बन गए हों। ऐसे ही साहित्य का नाम है- रामचरितमानस। इसके रचयिता तुलसीदास जी की आज जयंती है। पिछले […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  अवकाश अवश्य मनाएं पर इन चार बातों का ध्यान रखें
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: अवकाश अवश्य मनाएं पर इन चार बातों का ध्यान रखें

बच्चों की स्कूलों की छुट्टियां लग चुकी हैं या लग रही हैं। अधिकांश पैरेंट्स बच्चों को लेकर यात्रा पर निकलने की तैयारी में हैं। ऋषि-मुनि भी अवकाश अर्जित करते थे। छुट्टियां मनाने का उनका अपना ढंग था, क्योंकि गुरुकुल व्यवस्था थी। जब आप अवकाश का मन बनाएं तो सबसे पहले समय-सीमा तय करें। सहयोगी कौन […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  रामराज्य किस सुव्यवस्था का नाम था, यह मानस में दिखेगा
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: रामराज्य किस सुव्यवस्था का नाम था, यह मानस में दिखेगा

जिस रामराज्य को तुलसीदास जी ने आदर्श माना, आज वही व्यंग्य में अव्यवस्था का प्रतीक हो गया। अगर कहीं बिगड़ी हुई व्यवस्था हो तो लोग कहते हैं कि सब रामराज्य चल रहा है। लेकिन रामराज्य किस सुव्यवस्था का नाम था, यह रामचरितमानस में दिखेगा। जब पिछले दिनों दुबई में पारम्परिक रूप से मैंने भागवत कथा […]