रसरंग में पुस्तक समीक्षा:  लोकतंत्र के सर्वोच्च सदन से नदारद होतीं कुछ आवाजें
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रसरंग में पुस्तक समीक्षा: लोकतंत्र के सर्वोच्च सदन से नदारद होतीं कुछ आवाजें

जयजीत1 घंटे पहले कॉपी लिंक देश को आजाद हुए 78 साल हो चुके हैं। इसके बावजूद आज भी भारतीय संसद में महिलाओं की संख्या संतोषजनक नहीं कही जा सकती। मुस्लिम महिला सांसदों की स्थिति तो और भी चिंताजनक है। अब तक महज 18 मुस्लिम महिलाएं ही लोकसभा में पहुंच पाई हैं। यह आंकड़ा भी पूरे […]