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मेघना पंत का कॉलम: पीड़िता को ही कठघरे में खड़ा करने की आदत हमें क्या बताती है?

2014 में तरुण तेजपाल यौन उत्पीड़न मामले के दौरान प्रकाशित एक लेख में उलटे पीड़िता पर ही लांछन लगाने के लिए “बबलगम फेमिनिज्म’ शब्द का इस्तेमाल किया गया था। वह वाक्य मेरे जेहन में रह गया। इसलिए नहीं कि उसमें कोई खास चतुराई थी। बल्कि इसलिए कि इसमें एक खास किस्म की विडम्बना थी- यह […]

मेघना पंत का कॉलम:  स्त्रियों के लिए फ्री बस टिकट चैरिटी नहीं, एक जरूरत है…
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मेघना पंत का कॉलम: स्त्रियों के लिए फ्री बस टिकट चैरिटी नहीं, एक जरूरत है…

Hindi News Opinion Meghna Pant Column: Free Bus Tickets For Women Are A Need, Not Charity 9 घंटे पहले कॉपी लिंक मेघना पंत, पुरस्कृत लेखिका, पत्रकार और वक्ता शाम होते ही भारत में बस स्टॉप पर खड़ी कोई महिला बस के रूट नंबर से पहले आसमान की ओर झांकने लगती है। इसलिए नहीं कि उसे […]