पुलिस के अनुसार, सर्वेश की शादी करीब एक साल पहले हुई थी। उसके पिता हरिनारायण भट्ट कपड़े का कारोबार करते हैं जबकि बड़ा भाई अधिवक्ता है। स्वयं सर्वेश कस्बे में कंप्यूटर कोचिंग सेंटर संचालित करता था जहां डिप्लोमा और शिक्षक भर्ती परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती थी। उसका मकान वैभव के घर वाली गली के आखिरी छोर पर है जिसके पीछे खेत और झाड़ियां हैं। पुलिस का कहना है कि इसी सुनसान इलाके का उसने वारदात में इस्तेमाल किया।
वर्ष 2024 में बिहार के चर्चित पेपर लीक प्रकरण में भी आरोपी सर्वेश जा चुका है जेल
जांच में यह भी सामने आया है कि वर्ष 2024 में बिहार के चर्चित पेपर लीक प्रकरण में भी सर्वेश जेल जा चुका है। उस मामले में वह करीब 40 दिन प्रयागराज की नैनी जेल में बंद था। पुलिस का कहना है कि जेल से लौटने के बाद उसकी गतिविधियां संदिग्ध बनी रही। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि वह कम समय में अधिक पैसा कमाने की मानसिकता रखता था।
बार-बार बयान बदल रहा आरोपी
पूछताछ के दौरान सर्वेश ने पुलिस को कई बार अलग-अलग बातें बताईं। अधिकारियों के मुताबिक, वह लगातार बयान बदलकर जांच को भटकाने की कोशिश करता रहा। इसके बाद पूछताछ में मनोवैज्ञानिकों की भी मदद ली गई। पुलिस अब उसके बयान, घटनास्थल और वैज्ञानिक साक्ष्यों का मिलान करने के लिए पूरे घटनाक्रम का क्राइम सीन रिक्रिएशन कराएगी। एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने बताया कि इसके लिए लखनऊ से फॉरेंसिक विशेषज्ञों को बुलाया गया है।
आरोपी के मकान को सील कर दिया गया है और बेसमेंट सहित पूरे परिसर से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए गए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और क्राइम सीन रिक्रिएशन की रिपोर्ट के आधार पर विवेचना को आगे बढ़ाया जाएगा। पुलिस का कहना है कि जांच का उद्देश्य केवल स्वीकारोक्ति पर नहीं, बल्कि ठोस वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर अदालत में मजबूत अभियोजन सुनिश्चित करना है।












