बेटी के ट्यूशन जाने का किया इंतजार
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी राजेश कुमार ने सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया। वह सोमवार को फैक्टरी में काम पर नहीं गया। सुबह उसकी बेटी महिमा ननिहाल से वापस आ गई थी। इससे राजेश की योजना में थोड़ी बाधा आई लेकिन उसने तब तक इंतजार किया जब तक महिमा दोपहर 2 बजे ट्यूशन नहीं चली गई।
मयंक के अकेले होते ही मार डाला
पुलिस का मानना है कि राजेश को डर था कि अगर वह दोनों बच्चों पर एक साथ हमला करेगा तो शायद वे उस पर भारी पड़ जाएं इसलिए मयंक के अकेले होते ही उसने उस पर हमला कर दिया।
पुलिस का ब्लड रूटमैप आया काम, बक्से में मिला शव
मक्खनपुर इंस्पेक्टर चमन शर्मा ने बताया कि पुलिस को शुरुआत में मयंक का शव नहीं मिला था। घर में चप्पा-चप्पा छानने के दौरान पुलिस ने दीवारों और फर्श पर बिखरे रक्त के निशानों का एक रूटमैप तैयार किया। इन निशानों का पीछा करते हुए पुलिस स्टोर रूम में रखे बक्से तक पहुंची, जिसमें ताला लगा था। ताला तोड़ने पर अंदर मयंक का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ।
साक्ष्य मिटाने की नाकाम कोशिश
कातिल पिता ने अपनी करतूत छिपाने के लिए हर संभव कोशिश की थी। उसने हत्या के बाद बोरे से जगह-जगह से खून साफ किया और जिस बक्से में शव रखा था उसे भी पानी डालकर धोया ताकि बदबू या खून के निशान बाहर न आएं। हालांकि, एफएसएल टीम ने सूक्ष्म निशानों के आधार पर पूरी वारदात का खुलासा कर दिया।












