मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नाराजगी के बाद उच्च शिक्षा विभाग की ओर से उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही छात्राओं को स्कूटी देने से जुड़ी प्रक्रिया गति पकड़ने लगी है। विभाग ने पहले साल की मेरिट के आधार पर छात्राओं को स्कूटी देने का प्रस्ताव तैयार किया है।
ऐसा इसलिए ताकि छात्राएं आगे की पढ़ाई आसानी से पूरी कर सकें। विभाग ने मंगलवार को सीएम के सामने इसका प्रस्तुतीकरण किया लेकिन अंतिम सहमति नहीं बनी। सीएम ने कुछ और डाटा के साथ प्रस्ताव पेश करने को कहा।
प्रदेश सरकार ने पिछले साल के बजट में 400 करोड़ का प्रावधान करते हुए उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाली छात्राओं को स्कूटी देने की घोषणा की थी। इसके लिए रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना की घोषणा की थी। किंतु उच्च शिक्षा विभाग इस पर एक साल कोई काम नहीं कर सका।
वर्तमान वित्तीय वर्ष के बजट में बजट प्रावधान करते हुए, योजना को जल्द प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।जल्द ही विभाग की ओर से इस प्रस्ताव को सीएम के सामने रखा जाएगा। वहां से हरी झंडी मिलने के बाद इसे लागू करने की आगे की औपचारिकता पूरी की जाएगी। विभाग की ओर से किए गए बजट प्रावधान के अनुसार लगभग 30 हजार छात्राओं को स्कूटी दी जा सकेगी।








