बरेली में सैन्य अस्पताल के पास अग्निवीर भर्ती के पुन: मेडिकल में पास कराने के नाम पर ठगी करने वाले लखनऊ निवासी शख्स को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी राजेश तिवारी ने एक अभ्यर्थी से 40 हजार रुपये वसूले थे। वह खुद को सेवानिवृत्त हवलदार बताकर फर्जी दस्तावेज और मुहर का इस्तेमाल करता था।
सैन्य खुफिया इकाई की सूचना पर कैंट थाना पुलिस ने मंगलवार को राजेश तिवारी को सैन्य अस्पताल के पास से पकड़ा। राजेश लखनऊ के सैरपुर थाना क्षेत्र का निवासी है। तलाशी में उसके पास से एक रजिस्टर, फर्जी मुहर, मोबाइल और सेना के कैंटीन कार्ड की छायाप्रति मिली। रजिस्टर में अग्निवीर अभ्यर्थियों के नाम, रोल नंबर और मेडिकल में फेल होने के कारण दर्ज थे।
यह भी पढ़ें- बदायूं में बवाल: आंबेडकर प्रतिमा लगाने को लेकर पथराव, भीड़ ने पुलिस के कई वाहन तोड़े, 12 से अधिक घायल
उसके पास से 108 महार रेजिमेंट से संबंधित तीन फर्जी कॉल अप लेटर की छायाप्रतियां भी बरामद हुईं। पूछताछ में राजेश ने बताया कि वह खुद को सेवानिवृत्त हवलदार बताकर अग्निवीर अभ्यर्थियों को पुन: मेडिकल में पास कराने का झांसा देता था। उसने जबलपुर में अकादमी चलाने के बाद अग्निवीर व्यवस्था शुरू होने पर यह ठगी शुरू की। इस काम में उसका एक साझेदार गजेंद्र सिंह भी है।







