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संयुक्त राष्ट्र (यूएन) की ‘स्टेट ऑफ फूड सिक्योरिटी एंड न्यूट्रिशन इन द वर्ल्ड 2026’ रिपोर्ट के अनुसार दुनिया के 269 करोड़ लोग यानी हर तीसरा व्यक्ति ऐसा पौष्टिक भोजन नहीं खरीद सकता, जो उनकी ऊर्जा-पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा कर सके। हालांकि, वैश्विक स्तर पर भूख के मामलों में तीसरे साल भी कमी आई है, पर पौष्टिक भोजन चुनौती बनी हुई है। लगातार तीन वर्षों से घट रही भूख से प्रभावितों की आबादी 2023 – 8.5% 2024 – 8.1% 2025 – 7.8% अफ्रीका में भूखे लोग ज्यादा भूख से प्रभावित आबादी अफ्रीका – 30.9 करोड़ एशिया – 29.2 करोड़ स्वस्थ आहार की कीमत गरीबी रेखा से 43% ज्यादा नीति बदलने की जरूरत – ज्यादातर सरकारी सब्सिडी अनाज और स्टार्च वाले खाद्य पदार्थों पर केंद्रित है। फल, सब्जियां, डेयरी व मांस जैसे पोषणयुक्त खाद्य पदार्थ महंगे हैं। इनपर सब्सिडी जरूरी है। सप्लाई चेन में निवेश की जरूरत – रिपोर्ट में फल, सब्जियों, डेयरी और मांस जैसे खाद्य पदार्थों की कीमत कम करने के लिए सप्लाई चेन मजबूत करने, बुनियादी ढांचे में निवेश की जरूरत सुझाई है। पश्चिमी एशिया में फैले तनाव से बढ़ सकता है खाद्य संकट – संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि पश्चिमी एशिया में जारी संघर्ष व होर्मुज में शिपिंग प्रतिबंध जैसी स्थितियां आने वाले वर्षों में वैश्विक खाद्य सुरक्षा पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती हैं।
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