12 घंटे पहले
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क्रिकेटर ऋषभ पंत दक्षिण अफ्रीका टेस्ट सीरीज में बतौर उप-कप्तान वापसी कर रहे हैं, उनके उतार-चढ़ाव वाले सफर की प्रेरक बातें, उन्हीं की जुबानी..
मुझे हमेशा से लगता है कि जिस चीज से आप सच में मोहब्बत करते हैं, वो चीज आपके अंदर एक अजीब सा पागलपन पैदा कर देती है। मेरे साथ क्रिकेट ने यही किया। बचपन में शायद मुझे ये समझ नहीं थी कि जुनून क्या होता है, पैशन क्या होता है… बस यही महसूस होता था कि ये खेल मेरी नसों में है। मैं सुबह उठकर जैसे ही बैट उठाता था… दुनिया का हर शोर बंद हो जाता था। यह वो एहसास था जिसने मुझे बार-बार आगे धकेला। किसी भी मंजिल को पाने के लिए केवल टैलेंट, मेहनत और प्लानिंग काफी नहीं होती। असली चीज होती है आपके अंदर की आग, पागलपन, जिद… कि ये करना है, तो करना ही है। कई लोग चमत्कार होने का इंतजार करते हैं, पर मैंने सीखा है कि चमत्कार तब होते हैं, जब आप मेहनत का बोझ खुद उठा लेते हैं। एक बहुत सादा सच बताना चाहता हूं। हम सब शिकायतों में बहुत समय बर्बाद करते हैं। हम सोचते हैं कि ये क्यों हुआ, वो क्यों नहीं हुआ, फलां ने क्या कहा, फलां ने क्या सोचा। मैंने महसूस किया है कि उन चीजों पर सोचना बेवकूफी है, जो हमारे कंट्रोल में नहीं। असली खिलाड़ी वो है, जो अपनी ऊर्जा केवल उन बातों में लगाता है, जिन पर वह फर्क डाल सकता है। यही बदलाव जीवन का टर्निंग पॉइंट बनता है। टीम में खेलते-खेलते मैंने ये भी महसूस किया कि केवल एक व्यक्ति का टैलेंट टीम को नहीं जिता सकता। जीत तब आती है, जब सब एक ही दिशा में सोच रहे हों। एक साझा मकसद। हर किसी का तरीका अलग हो सकता है, पर दिशा एक होना चाहिए… तभी जादू होता है। मैंने अपने सीनियर्स से, अपने साथी खिलाड़ियों से यह सीखा कि इंसान को इंसान की तरह ट्रीट करना, विश्वास देना, भरोसा हासिल करना… ये सब बड़ी बातें हैं। अगर आप अपने साथी को विश्वास देते हैं, तो वो आपके लिए वो कर देगा जो आप सपने में भी नहीं सोच सकते। दुनिया में बहुत डेटा है, बहुत विश्लेषण है। पर जीवन केवल आंकड़ों पर नहीं चलता। डेटा मदद करता है, पर फैसला दिल से, अनुभव से और उस नजर से होता है, जो केवल अनुभूति से आती है। यही जीवन की गहराई है। इंसान का दिमाग और दिल… दोनों साथ में चलें, तभी सब संतुलित होगा। जिंदगी में वो चीज ढूंढें जिसके लिए आप दिल से जुनूनी हों। उस रास्ते पर हर दिन एक कदम बढ़ाएं। हर छोटी जीत को सेलिब्रेट करें। जब गिरें, तो फिर उठें… मंजिल तक वही पहुंचते हैं, जो गिरकर भी आगे बढ़ते हैं। खुद पर यकीन रखते हैं, अपने सपने पर यकीन रखते हैं, अपने ईश्वर या किसी शक्ति पर यकीन रखते हैं… तो कोई ताकत आपको रोक नहीं सकती। जीवन में ज्यादा लंबे प्लान नहीं बनाने चाहिए जीवन एक यात्रा है और जो कुछ भी आपकी राह में आ रहा है आपको उसे अपनाना चाहिए, बिना भविष्य के बारे में ज्यादा योजना बनाए। जीवन को जीवन ही रहने देना अच्छा होता है। ज्यादा लंबे प्लान नहीं बनाने चाहिए। आपके प्लान कम होंगे तो बुरा लगने की गुंजाइश भी उतनी ही कम रहेगी। (तमाम इंटरव्यूज में…)








