फिरोजाबाद में रक्षाबंधन के पावन पर्व पर जहां एक ओर बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के लिए उत्सुक हैं, वहीं दूसरी ओर यूपी रोडवेज की लचर व्यवस्था ने उनकी खुशियों पर पानी फेर दिया है। फिरोजाबाद बस स्टैंड पर बसों की भारी किल्लत के चलते दूर-दराज जाने वाली महिला यात्रियों को भारी फजीहत का सामना करना पड़ रहा है।
शुक्रवार को रक्षाबंधन के अवसर पर सुबह से ही फिरोजाबाद बस स्टैंड पर बहनों और उनके परिवारों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सरकार द्वारा महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा का दावा तो किया गया, लेकिन स्टैंड पर पर्याप्त बसें न होने से यह दावा हवाई साबित हो रहा है। बस स्टैंड पर घंटों इंतजार करने के बाद भी यात्रियों को बसें नसीब नहीं हो पा रही हैं।
प्रमुख रूटों पर बुरा हाल
फिरोजाबाद बस अड्डे से आगरा, मथुरा, इटावा, कानपुर, मैनपुरी, बरेली, औरैया और फर्रुखाबाद जैसे प्रमुख रूटों पर जाने वाली बसों का अकाल पड़ा हुआ है। जो बसें आ भी रही हैं, वे पहले से ही ठसाठस भरी हुई हैं। आलम यह है कि चलती बसों में चढ़ने के लिए महिलाओं और बच्चों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।
यात्रियों में बढ़ा आक्रोश
घंटों से भीषण गर्मी और धूप में बस का इंतजार कर रही महिलाओं का गुस्सा रोडवेज प्रशासन के खिलाफ फूट रहा है। यात्रियों का कहना है कि रक्षाबंधन जैसे बड़े त्योहार पर परिवहन निगम को अतिरिक्त बसों की व्यवस्था करनी चाहिए थी। बसों के न मिलने से कई बहनें समय पर अपने भाइयों के घर पहुंचने को लेकर चिंतित हैं। वहीं, मजबूरी में कई यात्री डग्गामार और निजी वाहनों में भारी किराया देकर सफर करने को मजबूर हैं।






