न्यूयॉर्क55 मिनट पहले
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हैरिस जीएलपी -1 दवाएं लेने वाली दुल्हनों को ऐसी ड्रेस सुझाती हैं, जिनमें जिप की जगह लैस-अप बैक हो यानी जिसे कसा-ढीला किया जा सके।
प्रोडक्ट डिजाइनर निकोल हैमिलटन को अपनी शादी की ड्रेस मिल गई। खूबसूरत ए-लाइन गाउन, हाथ से बने बीड्स, हर सिलाई परफेक्ट। लेकिन जब उन्होंने वह ड्रेस खरीदी, तो उन्हें एक जगह दस्तखत करने पड़े। वह सामान्य कागज नहीं, बल्कि एक कानूनी दस्तावेज था। उसमें लिखा था कि यह ड्रेस अभी उनके बदन पर फिट नहीं है। वजह… निकोल बीते कुछ वर्षों में वजन घटाने की दवाओं (जीएलपी-1) की मदद से 50 पाउंड यानी करीब 23 किलो वजन कम कर चुकी हैं। सगाई के बाद भी अतिरिक्त 7 किलो वजन घटा चुकी हैं। वे यहीं रुकने वाली नहीं हैं।
निकोल जैसी कहानियां अब अमेरिका की वेडिंग इंडस्ट्री को हिला रही हैं। ओजेम्पिक और वेगोवी जैसी जीएलपी-1 दवाएं इतनी तेजी से असर करती हैं कि कुछ महिलाओं को हर दो से तीन हफ्ते में कपड़े ढीले होने लगते हैं। पहले ब्राइडल स्टोर्स में परंपरा थी कि दुल्हन शादी से पांच-छह महीने पहले ड्रेस चुनती थी, फिटिंग होती थी और सब कुछ इत्मिनान से होता था। अब वह सारा हिसाब-किताब गड़बड़ा गया है।
अमेरिका के सबसे बड़े ब्राइडल रिटेलर डेविड्स ब्राइडल की सीईओ केली कुक के मुताबिक, अब कई दुल्हनें शादी से महज 45 दिन पहले ड्रेस खरीदने आती हैं। पिछले दो साल में ‘रश ऑर्डर’ यानी चार हफ्ते से कम समय में तैयार होने वाले ड्रेस की डिमांड 50% बढ़ गई है। इसके लिए कंपनी को 3,000 से ज्यादा टेलरिंग एक्सपर्ट्स से ओवरटाइम करवाना पड़ रहा है।
हर 10 में से 1 दूल्हा-दुल्हन ले रहे जीएलपी-1, इतने ही लेने की सोच रहे
वेडिंग प्लानिंग प्लेटफॉर्म जोला के एक सर्वे में 11,500 से ज्यादा जोड़ों से पूछा गया कि क्या वो वजन घटाने वाली दवा लेते हैं? नतीजे चौंकाने वाले थे- इस साल शादी करने वाले हर 10 में से 1 जोड़े में कोई न कोई जीएलपी-1 दवा ले रहा है। इतने ही लोग इसे लेने पर विचार भी कर रहे हैं। सबसे दिलचस्प ये है कि जो लोग यह दवा ले रहे हैं, उनमें से आधे से ज्यादा ने इसे शादी की वजह से ही लेना शुरू किया था।
सगाई से शादी तक वजन घटने का अंदाजा मुश्किल
ह्यूस्टन की ब्राइडल स्टूडियो मालकिन नताली हैरिस 20 साल से यह काम कर रही हैं। वे कहती हैं, ‘पहले अंदाजा लगाना आसान था- अगर दुल्हन 5-10 पाउंड घटाएगी तो ड्रेस में इतना बदलाव होगा। अब यह अनुमान लगाना नामुमकिन हो गया है।’ उन्होंने कहा, ‘कुछ दुल्हनें पहले एपल शेप की थीं और अब उनकी पूरी कमर नाटकीय रूप से छोटी हो गई है।’ हैरिस जीएलपी -1 दवाएं लेने वाली दुल्हनों को ऐसी ड्रेस सुझाती हैं, जिनमें जिप की जगह लैस-अप बैक हो यानी जिसे कसा-ढीला किया जा सके। वे ऐसे कट पसंद करती हैं जो कमर पर फ्लेयर हो, ताकि बदलते आकार को छुपाया जा सके।
इंडस्ट्री के लिए यह इतनी बड़ी परेशानी क्यों है? अमेरिका में शादी की ड्रेस की औसत कीमत 2,250 डॉलर (करीब 2 लाख रुपए) है। डिजाइनर गाउन में यह 10,000 डॉलर (9.5 लाख रुपए) तक जाती है। इतना खर्च करने वाली दुल्हनें हर सिलाई में परफेक्शन चाहती हैं। यही ब्राइडल मार्केट के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। दूल्हे भी दुबले हो रहे हैं। पेंसिलवेनिया की वेंडी इयानीरी-सैलेर्नो कहती हैं कि सिर्फ दुल्हनें ही नहीं, मंगेतर भी वजन घटा रहे हैं। फर्क यह है कि पुरुषों के सूट एडजस्ट करना आसान है। किराए पर नया साइज मिल जाता है, पर ब्राइडल गाउन की कहानी अलग है- वहां हर इंच की लड़ाई होती है।









