वॉक-व्यायाम जैसा फायदेमंद है हंसना:  रिसर्च कहती है कि ठहाके के साथ 15 मिनट हंसना एक हजार कदम चलने के बराबर है
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वॉक-व्यायाम जैसा फायदेमंद है हंसना: रिसर्च कहती है कि ठहाके के साथ 15 मिनट हंसना एक हजार कदम चलने के बराबर है

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हार्वर्ड मेडिकल स्कूल की रिसर्च कहती है कि आपकी हंसी दवाओं जैसा काम करती है। जब बुजुर्ग 10 से 15 मिनट खुलकर हंसते हैं तो उनके शरीर में वैसी ही प्रतिक्रियाएं होती हैं, जो तेज चलने व हल्की एक्सरसाइज से होती हैं। मानसिक सेहत अच्छी रहती है – बढ़ती उम्र में खुलकर हंसने के 3 बड़े बदलाव रिसर्च के अनुसार खुलकर हंसने के दौरान बुजुर्गों के शरीर में तीन बड़े बदलाव होते हैं, जो बढ़ती उम्र में मानसिक और शारीरिक सेहत के लिए फायदेमंद हैं। कोर्टिसोल में कमी – हंसी तनाव बढ़ाने वाले हार्मोन ‘कोर्टिसोल’ के स्तर को कम करती है। कैलिफोर्निया की लोमा लिंडा यूनिवर्सिटी के शोध के अनुसार, हंसी बुजुर्गों की याददाश्त को 40% तक बेहतर बना सकती है, क्योंकि यह तनाव कम करती है। एंडोर्फिन का स्राव – इसे शरीर का ‘नेचुरल पेनकिलर’ कहा जाता है। जोड़ों के दर्द या पुराने दर्द से जूझ रहे बुजुर्गों के लिए हंसी एक प्राकृतिक मरहम है। इम्यूनिटी बूस्टर – हंसी शरीर में ‘टी-सेल्स’ और एंटीबॉडीज की संख्या बढ़ाती है, जिससे किसी भी संक्रमण से लड़ने की क्षमता बढ़ती है। ये 2 तरीके करेंगे मदद 1. बनावटी हंसी- रिसर्च कहती है कि मस्तिष्क असली और बनावटी हंसी में फर्क नहीं कर पाता। यदि आप अकेले हैं और बिना बात के भी हंसने का नाटक करते हैं, तब भी शरीर में रियल ‘हैप्पी हार्मोन्स’ ही रिलीज होते हैं। 2. सोशल लाफ्टर – ग्रुप में हंसना 30 गुना ज्यादा प्रभावी होता है। गार्डन या किसी ऐसी जगह पर लाफ्टर क्लब जॉइन करना बुजुर्गों के अकेलेपन को दूर करने का सबसे प्रभावी तरीका है। खून का संचार बेहतर होता है – जवान दिखने से कैलोरी बर्न जैसे 5 बड़े लाभ लंग्स की एक्सरसाइज: गहरी हंसी से फेफड़ों में मौजूद पुरानी और दूषित हवा बाहर निकलती है और ताजी ऑक्सीजन का स्तर बढ़ता है। यह अस्थमा या सांस की समस्याओं वाले बुजुर्गों के लिए उपयोगी है। दिल की कसरत – कार्डियोलॉजिस्ट्स के अनुसार, हंसते समय रक्त वाहिकाएं फैलती हैं। रक्त का संचार बेहतर होता है और ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है। कैलोरी बर्न – 10 से 15 मिनट हंसने से लगभग 40 कैलोरी बर्न होती है, जो एक छोटी वॉक के बराबर है। नींद में सुधार – शाम को खुलकर हंसने से शरीर ‘मेलाटोनिन’ हार्मोन बेहतर बनाता है, जिसके कारण नींद गहरी और बेहतर आती है। एंटी-एजिंग – हंसने से चेहरे की मांसपेशियां सक्रिय होती हैं, जो चेहरे पर चमक और कसाव लाती हैं।



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