टिप्स:  फीडबैक देने के ये पांच तरीके आजमाएं
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टिप्स: फीडबैक देने के ये पांच तरीके आजमाएं

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13 मिनट पहले

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  • बहुत से अध्ययनों से यह पता चला है कि कार्यस्थल पर लोग अक्सर नकारात्मक बातें बताने से बचा करते हैं। कई बार लोग आलोचनात्मक फीडबैक देने से पूरी तरह से इंकार कर देते हैं। इसके परिणामस्वरूप बहुत से कर्मचारी, खासकर नेतृत्व की भूमिका निभाने वाले इस बात को समझ ही नहीं पाते हैं कि दूसरे उन्हें कैसे अनुभव करते हैं। यदि आप किसी ऐसे व्यक्ति के साथ काम कर रहे हैं जिसे लंबे समय से कोई फीडबैक नहीं मिला है और आप उसकी प्रगति में मदद करना चाहते हैं, तो ये कदम उठा सकते हैं …

1) पूरी सहानुभूति के साथ बातचीत शुरू करें यदी आपने अपने किसी साथी की मदद करने की ठान ही ली है, तो सबसे पहले अपनी झुंझलाहट को एक किनारे रख दें। इसके बाद ही किसी भी तरह की बात का सिलसिला शुरू करें। बातचीत शुरू करने से पहले यह बात भी समझ लें कि आपके सहयोगी को शुरुआत में एक झटका लग सकता है। लेकिन यह स्वाभाविक है, आप इसे विरोध की तरह न लें।

2) उद्देश्यों को समझकर ही बात करें सबसे पहले अपने साथी के उद्देश्यों को समझने की कोशिश करें और उसके बाद ही बातचीत की शुरुआत करें। उनके उद्देश्यों को स्पष्ट करके बात करेंगे तो दोनों के लिए आसानी हो जाएगी। उनके इरादों और वास्तविक परिणामों के बीच के अंतर को पहचानना भी जरूरी है। इससे आपको समझने में मदद मिलेगी कि उनकी आत्म-जागरूकता की कमी कितनी है।

3) भावनाओं की बात करें, आरोपों की नहीं उनके इरादों और उनके कार्यों को अलग-अलग करके चर्चा शुरू करें। उदाहरण के लिए आप उनसे यह कह सकते हैं कि मुझे अब समझ में आता है कि यह आपका इरादा नहीं था, लेकिन मीटिंग के दौरान मुझे ऐसा लगा कि आपने मेरी बातों को काफी नजरअंदाज किया। आपने कई बार मुझे बीच में रोका और अपने विचारों को ही अधिक जोर देकर दोहराया।

4) व्यवहार के ठोस उदाहरण पेश करें बातचीत के दौरान उनके बात करने के अंदाज या पैटर्न पर भी उनका ध्यान आकर्षित करने को कह सकते हैं। आप उनके व्यवहार के ठोस उदाहरण पेश करें, ताकि उन्हें समझ में आ जाए कि यह ठीक नहीं है। क्योंकि अब यह एक आदत जैसा पैटर्न बनता जा रहा है। साथ ही इस बात का भी बहुत ध्यान रखें कि इस दौरान आपकी भावनाएं पूरी तरह नियंत्रित रहें।

5) अतीत को छोड़ भविष्य पर फोकस करें आप चाहें तो उनके साथ पूरी सहानुभूति जताते हुए यह भी कह सकते हैं कि मुझे खेद है कि यह फीडबैक आपके लिए पूरी तरह नया लग रहा है। पहली बार इसे सुनना बेहद कठिन भी हो सकता है। लेकिन मुझे लगता है अब सबसे अच्छा यही होगा कि आप भविष्य में क्या कर सकते हैं, इस पर खास ध्यान दें, न कि अतीत में जो हो चुका है उस पर फोकस करें।



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