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दिल्ली सरकार राजधानी के वरिष्ठ नागरिकों के लिए वयो आनंद योजना शुरू करने जा रही है। इसके तहत ऐसे मनोरंजन केंद्र विकसित किए जाएंगे, जहां वरिष्ठ नागरिक खाली समय आराम करने, इनडोर गेम खेलने, आपस में मिलने-जुलने और सामाजिक गतिविधियों में शामिल हो सकेंगे। केंद्रों में योग और ध्यान की कक्षाओं के साथ मासिक चिकित्सा शिविर और प्राथमिक उपचार किट की व्यवस्था भी होगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली के वरिष्ठ नागरिक समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके सम्मान, स्वास्थ्य, सक्रिय जीवन और सामाजिक जुड़ाव को सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। योजना के तहत ऐसे केंद्र संचालित करने वाले पात्र संगठनों को सरकार आर्थिक सहायता देगी।
लूडो-कैरम से योग-ध्यान तक की सुविधा
मनोरंजन केंद्रों में कैरम, लूडो जैसे इनडोर गेम, बैठने की व्यवस्था, पंखे, कूलर, टीवी और कंप्यूटर की सुविधा होगी। यहां समाचार पत्र, पत्रिकाएं और किताबें भी उपलब्ध कराई जाएंगी। योग-ध्यान के अलावा स्वास्थ्य एवं फिटनेस कक्षाएं, आउटडोर टूर, कहानी सुनाने, पेंटिंग, क्राफ्ट और पॉटरी जैसे सत्र आयोजित किए जाएंगे। केंद्रों में पोषण संबंधी परामर्श और इनडोर-आउटडोर खेलों की गतिविधियां भी होंगी। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस, वरिष्ठ नागरिक दिवस और राष्ट्रीय पर्व समेत साल में कम से कम 5-6 कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
सुबह 7 से रात 8 बजे तक खुले रहेंगे केंद्र
केंद्र सप्ताह में कम से कम पांच दिन और रोजाना न्यूनतम सात घंटे खुले रहेंगे। इनका संचालन सुबह 7 बजे से रात 8 बजे के बीच किया जाएगा। केंद्रों में पर्याप्त वेंटिलेशन और शौचालय की सुविधा अनिवार्य होगी। वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा के लिए भूतल पर केंद्र होना या लिफ्ट की व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाएगी। महिला, दिव्यांग और ट्रांसजेंडर वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी विशेष गतिविधियां आयोजित करने को प्राथमिकता दी जाएगी। आपात स्थिति में नजदीकी पुलिस थाने और अस्पताल से संपर्क की व्यवस्था रहेगी। एक केंद्र में कम से कम 200 सदस्य होना जरूरी होगा, जिनकी उम्र 60 वर्ष या उससे अधिक हो।
संचालकों को सालाना 2.40 लाख रुपए की मदद
वयो आनंद योजना के तहत पात्र मनोरंजन केंद्रों को एक वित्तीय वर्ष में 2.40 लाख रुपए, यानी 20 हजार रुपए प्रतिमाह की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह राशि दो बराबर छमाही किस्तों में जारी होगी। योजना में दिल्ली में सामुदायिक स्थानों पर संचालित केंद्र शामिल होंगे। आरडब्ल्यूए, सीजीएचएस और चौपाल जैसे सामुदायिक स्थानों में चलने वाले केंद्र भी पात्र हो सकते हैं। संचालकों को केंद्रों में योजना के तहत निर्धारित सभी सुविधाएं उपलब्ध करानी होंगी।
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